BY: Yoganand Shrivastava
गोंडा, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पुलिस की छवि को एक नई सकारात्मक दिशा दी है। उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के धन्नीपुरवा गांव में एक दुखद घटना के बाद जब एक परिवार टूट गया था, तब गोंडा पुलिस और यूपी एसटीएफ (STF) ने न केवल उस परिवार का साथ दिया, बल्कि बेटी की शादी की पूरी जिम्मेदारी भी खुद उठाई।
जब संकट में खड़ा हुआ “खाकी” परिवार
धन्नीपुरवा गांव की रहने वाली उदय कुमारी की शादी 5 मई को तय थी, लेकिन शादी से पहले 24 अप्रैल की रात उसके भाई शिवदीन की हत्या हो गई। कुछ बदमाश घर में डकैती के इरादे से घुसे थे और गोली मारकर उसकी जान ले ली। इस त्रासदी के बाद शादी को टालना पड़ा। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इस घटना के बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मामले को गंभीरता से लिया। पासी गैंग के छह बदमाशों में से चार को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो वांछित आरोपी—सोनू पासी और गैंग का सरगना ज्ञानचंद पासी—मुठभेड़ों में मारे गए।
शादी की जिम्मेदारी उठाई STF चीफ और पुलिस कप्तान ने
राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही और एसपी विनीत जायसवाल की पत्नी तन्वी जायसवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बेटी की शादी कराने की जिम्मेदारी ली। इसके बाद 5 जून को शादी की नई तारीख तय हुई और पूरा कार्यक्रम पुलिस की देखरेख में सम्पन्न कराया गया।
STF के प्रमुख अधिकारी ने विवाह समारोह का संपूर्ण खर्च अपने निजी खाते से वहन किया। पुलिस अधीक्षक की पत्नी तन्वी जायसवाल ने भी 1.5 लाख रुपये की सहायता की। इस उदारता और संवेदनशीलता की पूरे जिले में सराहना हो रही है।
पुलिस और STF ने निभाई घरातियों की भूमिका
शादी के दिन पूरा पुलिस महकमा और STF सुबह से ही गांव में मौजूद रहे। खानपान, सजावट, बारात का स्वागत और अन्य व्यवस्थाएं पुलिस ने खुद संभालीं। एसपी विनीत जायसवाल और उनकी पत्नी तन्वी ने दूल्हे के स्वागत में खुद आगे बढ़कर पारंपरिक रूप से ‘तिलक’ और स्वागत किया।
दुल्हन को गहने, गृहस्थी का सामान और 1 लाख 51 हजार रुपये की नकद सहायता पुलिस की ओर से दी गई। इस दौरान सुरक्षा की भी कड़ी व्यवस्था थी ताकि कोई अव्यवस्था न हो।
“पुलिस नहीं, अपने जैसे लगे”
विवाह के बाद वधू के पिता ने भावुक होकर कहा,
“हमें लगा था कि अब बेटी की शादी नहीं हो पाएगी, लेकिन पुलिस ने जो किया वो हमारे सपनों से भी बढ़कर था। वे सिर्फ पुलिसकर्मी नहीं थे, हमारे अपने जैसे लगे।”
एसपी ने क्या कहा?
एसपी विनीत जायसवाल ने कहा,
“हमारा कर्तव्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि संकट में फंसे नागरिकों को संबल देना भी है। जब कोई परिवार पीड़ा में होता है, तब उसके साथ खड़े रहना भी हमारी जिम्मेदारी है।”





