छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक स्थित अकलवारा हाई स्कूल में प्रिंसिपल जे.पी. वर्मा पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और परीक्षा परिणामों में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मामला क्या है?
4 जुलाई 2025 को अकलवारा हाई स्कूल के छात्रों और पालकों ने स्कूल के प्रिंसिपल जे.पी. वर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वर्मा ने 11वीं कक्षा के 25 छात्रों के परीक्षा परिणामों में जानबूझकर हेराफेरी कर पास हुए छात्रों को फेल कर दिया। इसके अलावा, छात्राओं ने वर्मा पर अनुचित स्पर्श (बेड टच) और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। इससे नाराज होकर पालकों ने स्कूल के मुख्य गेट में ताला जड़ दिया और प्रदर्शन किया।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया। प्रिंसिपल जे.पी. वर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया और उनके स्थान पर सुरेश कुमार वर्मा को नया प्रभारी प्रिंसिपल नियुक्त किया गया। इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने स्कूल का ताला खोला और पढ़ाई पुनः शुरू हुई।
पुलिस कार्रवाई
छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने वर्मा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पालकों की चेतावनी
पालकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रिंसिपल के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।





