Akhil Bharat Hindu Mahasabha: अखिल भारत हिंदू महासभा का 112वां स्थापना दिवस 13 अप्रैल 2026 को पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों में संगठन के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित किए और राष्ट्र तथा समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: संगठन के इतिहास को किया गया याद
महासभा की स्थापना 13 अप्रैल 1915 को मदन मोहन मालवीय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर की गई थी। इस खास दिन पर कार्यकर्ताओं ने संगठन के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए उसके मूल उद्देश्यों और विचारधारा को दोहराया।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: स्वामी चक्रपाणि महाराज के नेतृत्व में आयोजन

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी के नेतृत्व में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर राष्ट्र निर्माण और समाज के उत्थान के लिए संकल्प लिया।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: राष्ट्र और धर्म सेवा का दिया संदेश
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की विचारधारा समाज के उत्थान और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: महान नेताओं के योगदान को किया नमन
कार्यक्रम के दौरान विनायक दामोदर सावरकर, लाला लाजपत राय समेत कई राष्ट्रनायकों के योगदान को याद किया गया। इन नेताओं ने समाज को संगठित करने और देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: हाल के सम्मानों का भी हुआ उल्लेख
स्वामी चक्रपाणि महाराज को हाल के समय में कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले हैं। इनमें ब्रिटेन की संसद House of Commons द्वारा सम्मानित किया जाना भी शामिल है। इसके अलावा हरिद्वार में उन्हें ‘जगद्गुरु’ की उपाधि भी प्रदान की गई।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: देशभर में दिखा उत्साह और राष्ट्रभक्ति
कार्यक्रमों के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। कई स्थानों पर भंडारा, प्रसाद वितरण और सम्मान समारोह भी आयोजित किए गए।
Akhil Bharat Hindu Mahasabha: संगठन को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने और उसके सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।





