रिपोर्ट- आकाश सेन
Agriculture Cabinet : मुख्यमंत्री डॉ मोहन की अध्यक्षता में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में संपन्न हुई। भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। इस विशेष कृषि कैबिनेट में निमाड़ अंचल के सात जिलों – खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर – के कृषि और विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रखा गया।
LIVE : कृषि कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी#कृषि_कैबिनेट_मध्यप्रदेश https://t.co/KvD9MZDLg5
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) March 2, 2026
Agriculture Cabinet : कैबिनेट के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि हम किसान कल्याण वर्ष मना रहे हैं। इसी कड़ी में अलग-अलग क्षेत्रों में कृषि कैबिनेट कर रहे हैं। किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं में फैसला किया गया है। इनमें 27 हजार 746 करोड़ का खर्च होगा।

Agriculture Cabinet : उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 4,264 करोड़ रुपये की खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) योजनाओं को मंजूरी दी है। इसके साथ ही 8,166 करोड़ रुपये की सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदेश के किसानों को मिल चुका है। सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

Agriculture Cabinet : भीलटदेव क्षेत्र बनेगा पर्यटन स्थल
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकआस्था के प्रमुख केंद्र Baba Bhilat Dev का क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
Agriculture Cabinet : बड़वानी में बनेगी आधुनिक सब्जी मंडी
डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई सब्जी मंडी का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बड़वानी की मौजूदा मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, भंडारण और विपणन सुविधाएं मिल सकें।
Agriculture Cabinet : ‘सच्चा वादा, पक्का काम’ पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार ‘सच्चा वादा, पक्का काम’ की थीम पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
निमाड़ से की गई इन घोषणाओं को प्रदेश में कृषि और सहकारिता क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है मुख्यमंत्री ने 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान इस कृषि कैबिनेट की घोषणा की थी। यह प्रदेश सरकार की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक हुई । बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के साथ लोकदेवता Baba Bhilat Dev के मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा-निमाड़ में आज भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। साथ ही होली के पावन अवसर पर किसानों को समर्पित कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के लिए अन्नदाता किसान सर्वोपरि हैं और किसानों के साथ सीधे उनके क्षेत्र में कैबिनेट आयोजित करना एक ऐतिहासिक और अद्भुत निर्णय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निमाड़ अंचल में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। मां Narmada River की कृपा से यह क्षेत्र आधुनिक खेती का प्रमुख केंद्र बन गया है। मध्य प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत सबसे पहले किसान कैबिनेट की बैठक निमाड़ में आयोजित करना सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
नागलवाड़ी कृषि कैबिनेट के प्रमुख फैसलें-
- किसान कल्याण से संबंधित 6 महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं में अलग-अलग निर्णय लिए।
- कुल योग 27 हज़ार 746 करोड़ की राशि किसान कल्याण के लिए हम खर्च करने वाले हैं।
- कृषि -1, उद्यानिकी – 3, पशुपालन-4, मछुआ कल्याण-2, सहकारिता-4, नर्मदा घाटी विकास विभाग -2 प्रस्ताव इसमें शामिल हैं।
- नर्मदा घाटी विभाग के अंतर्गत बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई जिसमें इस तहसील के 33 गांव की 15500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। जिसकी लागत लगभग ₹861 करोड़ के आसपास की है।
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में 3 हजार 502.48 करोड़ की राशि खर्च होगी।
- उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाए जिसमें 4 हजार 263.94 करोड रुपए की राशि खर्च होगी।
- पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की 4 योजनाओं में 9 हजार 508 करोड़ की खर्च होगी।
- मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग की 2 योजनाओं में 218.50 करोड़ की राशि खर्च होगी।
- सहकारिता विभाग की 4 योजनाओं में 8 हजार 186 करोड़ की राशि का व्यय हमारे वित्त विभाग पर आएगा।
- नर्मदा घाटी विकास विभाग के माध्यम से 2067.97 करोड़ की राशि खर्च होगी।
- किसानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। अपने किसान भाइयों को समृद्ध बनाकर राज्य को हम प्रगति के पथ पर ले जाएंगे।
- बड़वानी को हम पर्यटन का केंद्र बनाने वाले हैं। भविष्य में ऐसे और कई अन्य कामों की भी मंजूरी दी जाएगी।
- बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड रुपए की लागत आएगी।
- मध्य प्रदेश देश का एक ऐसा राज्य है जो प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है।
- बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बना रहे हैं।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिले इसके लिए हम 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।





