BY: Yoganand Shrivastva
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद की नींव रखे जाने के बाद अब देश के एक और राज्य में यह मुद्दा चर्चा में आ गया है। तहरीक मुस्लिम शब्बन के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने ग्रेटर हैदराबाद में बाबरी मस्जिद स्मारक बनाने की घोषणा की है। उनका कहना है कि इस स्मारक के साथ कई कल्याणकारी संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे।
हैदराबाद में जनता के बीच हुई बैठक में निर्णय
मुश्ताक मलिक ने बताया कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर हैदराबाद की एक मस्जिद में सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई थी। उसी बैठक में यह फैसला किया गया कि ग्रेटर हैदराबाद में बाबरी मस्जिद की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जल्द ही स्मारक के निर्माण और समयसीमा को लेकर विस्तृत घोषणा की जाएगी।
‘बाबर नाम को मुद्दा बनाना राजनीतिक प्रचार’ – मलिक
मलिक ने दावा किया कि बाबर के नाम को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा किया जाता है। उनके अनुसार,
- बाबर के नाम पर किसी को परेशान नहीं होना चाहिए,
- यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए उछाला जा रहा है,
- अयोध्या में बाबरी मस्जिद के निर्माण में बाबर की ओर से राजस्व आने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय इतिहास में बाबर का शासनकाल बहुत छोटा रहा और उसके बाद हुमायूं तथा अकबर का शासन जल्दी स्थापित हो गया था। मलिक ने उदाहरण देते हुए कहा कि अकबर के काल में राजमहल में अनुष्ठान, पूजा और हवन भी होते थे तथा तुलसीदास भी उसी काल में जीवित थे।
‘समुदायों को बांटने की कोशिश’
मुश्ताक मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल देश के विभिन्न समुदायों—हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दलित—के बीच भाईचारा तोड़ने के लिए किया जा रहा है।
बीजेपी ने नींव रखने पर जताया विरोध
मुर्शिदाबाद में नई बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखे जाने के बाद भाजपा नेता तरुण चुघ ने निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर पर हमला बोला। चुघ ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी सरकार राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण करा रही है। उन्होंने कहा कि भारत कभी भी बाबर के नाम पर बने किसी स्मारक को स्वीकार नहीं करेगा।





