BY: Yoganand Shrivastva
भिंड : मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मिहोना तहसील अंतर्गत ग्राम सिकरी में गुरुवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। करीब 6 घंटे तक चली इस कार्रवाई में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 25 से अधिक अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त किया गया। यह अतिक्रमण 800 मीटर क्षेत्र में फैला हुआ था, जो एक 3.5 किलोमीटर लंबी डामर सड़क के निर्माण में बाधा बन रहा था। इस सड़क परियोजना की कुल लागत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है।
पहले नोटिस, फिर चेतावनी – लेकिन नहीं हटे अवैध निर्माण
प्रशासन द्वारा पहले अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी गई थी। मिहोना तहसीलदार रूपम गुप्ता और लहार तहसीलदार दीपक शुक्ला के निर्देशन में सड़क मार्ग का सीमांकन कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। ग्राम पंचायत स्तर पर भी बार-बार समझाइश दी गई, मगर निर्धारित समय-सीमा में लोगों ने स्वेच्छा से कब्जे नहीं हटाए।
इसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी विजय सिंह यादव के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
800 मीटर में फैले कच्चे-पक्के निर्माण ढहाए गए
अतिक्रमण की जद में आए अधिकांश निर्माण कच्चे और अर्ध-पक्के थे, जो लंबे समय से सड़क मार्ग पर कब्जा किए हुए थे। जब बुलडोजर चला तो कई लोगों ने मौके पर निर्माण बचाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे सभी को पीछे हटना पड़ा।
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी स्वीकृति वाली सड़क परियोजना को बिना किसी बाधा के पूरा करना है।
जिन गांवों को होगा सीधा लाभ
इस सड़क के बनने से 6 से 8 गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग चौड़ा और सुलभ हो जाएगा। पहले यह रास्ता संकरा होने के कारण बड़े वाहन नहीं निकल पाते थे और आए दिन जाम व दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती थी। अब यह मार्ग संपूर्ण अतिक्रमण-मुक्त हो चुका है और पीडब्ल्यूडी विभाग जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करेगा।
खास बात: विधायक का पैतृक गांव बना उदाहरण
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई लहार विधानसभा के विधायक अंबरीश शर्मा के पैतृक गांव ‘सिकरी जागीर’ में हुई है। यहां हुए निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश गया है कि जनहित और विकास कार्यों में कोई भी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी रसूखदार व्यक्ति का गांव ही क्यों न हो।
प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई एक उदाहरण है कि जब चेतावनी के बाद भी अवैध कब्जे नहीं हटते, तो शासन-प्रशासन को सख्ती दिखानी पड़ती है। सिकरी गांव में हुई यह कार्रवाई न केवल सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि अन्य गांवों को भी अतिक्रमण हटाने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगी।





