BY: Yoganand Shrivastva
शिवमोगा (कर्नाटक), कर्नाटक की शिवमोगा सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कैदी ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन निगल लिया। पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब डॉक्टरों ने सर्जरी कर उसके पेट से मोबाइल फोन बरामद किया।
कैदी की पहचान और पृष्ठभूमि
इस कैदी की पहचान 30 वर्षीय दौलत उर्फ गुंडू के रूप में हुई है, जो वर्तमान में गांजा तस्करी के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और 10 साल की सजा काट रहा है। जून 2024 में शिवमोगा जिला अदालत ने उसे कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
मोबाइल निगलने की वजह और खुलासा
जानकारी के अनुसार, हाल ही में जेल प्रशासन को मोबाइल के उपयोग की भनक लगने पर कैदी ने पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन निगल लिया। 24 जून को उसने जेल अधिकारियों से पेट दर्द की शिकायत की और बताया कि उसने गलती से पत्थर जैसा कुछ निगल लिया है।
अस्पताल में हुआ बड़ा खुलासा
कैदी को मैकगन अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल जांच में डॉक्टरों को उसके पेट में कोई ठोस वस्तु नजर आई, जिसके बाद तत्काल सर्जरी की सिफारिश की गई। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने करीब तीन इंच लंबा और एक इंच चौड़ा मोबाइल फोन उसके पेट से निकाला। यह ऑपरेशन 8 जुलाई को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
जेल प्रशासन की कार्रवाई
मोबाइल को बरामद करने के बाद डॉक्टरों ने इसे जेल प्रशासन को सौंप दिया। शिवमोगा सेंट्रल जेल के अधीक्षक पी. रंगनाथ ने इस संबंध में तुंगा नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। दौलत पर अब जेल के भीतर प्रतिबंधित वस्तु छिपाकर रखने और नियमों का उल्लंघन करने के तहत एक और आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।





