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‘लोकनायक’ जय प्रकाश नारायण लोकतंत्र समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता के शक्ति पुंज थे: विजय श्रीवास्तव

'Loknayak' Jai Prakash Narayan was a powerhouse of democracy, socialism and secularism: Vijay Srivastava

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव विजय कुमार लाल श्रीवास्तव ने अपने एक बयान में लोकनायक जेपी की। पुण्य तिथि पर कहा कि।जेपी लोकतंत्र धर्म निरपेक्षता समाजवाद के शक्ति पुंज थे।वह भ्रष्टाचार अधिनायक वाद के घोर विरोधी थे। वह देश को गांधी जी के स्वराज के रास्ते आत्मनिर्भर गौरवशाली और समरसता का देश बनाना चाहते थे।वह देश में शोषित वंचित लाचार पिछड़ों अति पिछड़ों दलित अल्पसंख्यक समाज के लोगों को मुख्य धारा में लाना चाहते थे।वह वर्गविहीन जाति विहीन समाज के पचधर थे।लोकनायक जेपी के विचारधारा से ही देश में आर्थिक और सामाजिक समानता लाया जा सकती है।

श्री श्रीवास्तव ने कहा कि देश का पुननिर्माण उन्मादी तथाकथित वर्चस्ववादी विचारधारा से नहीं हो सकता।आज के दौर में देश को लोकनायक जेपी के सम्पूर्ण क्रान्ति की विचारधारा जो समाजवाद के महान नेता डॉ राम मनोहर लोहिया की सप्त क्रांति है कि विचारधारा से देश को आर्थिक सामाजिक मजबूत किया जा सकता है।श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जेपी की संपूर्ण क्रांति की विचारधारा ही गांधी जी की विचारधारा है।