BY: Yoganand Shrivastva
आगरा |आगरा के दो युवकों ने साइबर क्राइम थाना पुलिस से शिकायत की है कि उन्हें कंबोडिया ले जाकर बंधक बना लिया गया और जबरन साइबर ठगी करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों का आरोप है कि जो लोग इस अपराध से बचकर वापस लौटना चाहते हैं, उनसे लाखों रुपए की फिरौती मांगी जाती है।
नौकरी के बहाने कंबोडिया भेजा गया
हाथरस जिले के चिरावली मई गांव निवासी सौरभ ने थाने में मामला दर्ज कराया है। सौरभ के अनुसार वह और उसका भाई अभिज्ञान पिछले साल नवंबर में नौकरी की तलाश में अजय शुक्ला नामक व्यक्ति के संपर्क में आए। शुक्ला ने दोनों को बैंकॉक के रास्ते कंबोडिया भेजा। वहां पहुंचते ही उन्हें एक कंपनी में ले जाया गया, जहां वे बंधक बना लिए गए।
जबरन कराया जाता था साइबर फ्रॉड
युवकों ने बताया कि कंपनी में पहले से ही कई भारतीय बंधक थे और उनसे डिजिटल अरेस्ट, फर्जी शेयर ट्रेडिंग और अन्य ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। जब उन्होंने इसमें हिस्सा लेने से इनकार किया, तो उनके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई।
लाखों देकर मिली रिहाई
सौरभ और अभिज्ञान के परिवार ने तीन-तीन लाख रुपये का इंतजाम करके भेजा, तब जाकर दोनों की रिहाई संभव हो सकी। भारत लौटने के बाद वे लगातार अजय शुक्ला से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका फोन बंद है।
एजेंट के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अजय शुक्ला समेत अन्य अज्ञात आरोपियों पर मानव तस्करी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एजेंट की तलाश जारी है।
गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि इस गिरोह में आगरा के कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं और अब भी कई भारतीय युवक कंबोडिया में फंसे हुए हैं। पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय को भेज दी है, ताकि उच्चस्तरीय कार्रवाई की जा सके।





