BY: MOHIT JAIN
नेपाल में राजनीतिक बदलाव के बाद सुशीला कार्की ने 12 सितंबर 2025 को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। देश में इस नए नेतृत्व को लेकर उत्सुकता और उम्मीद दोनों हैं। नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की की नियुक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उन्हें बधाई दी।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर बधाई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा नेपाल की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर माननीय सुशीला कार्की जी को हार्दिक शुभकामनाएं। नेपाल के भाई-बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2025
ओली सरकार के खिलाफ जन आंदोलन
सुशीला कार्की के आने से पहले नेपाल में राजनीतिक संकट और व्यापक जन आंदोलन ने देश को हिला दिया था। शुरुआत में सोशल मीडिया पर लगाए गए बैन के विरोध में शुरू हुए आंदोलनों ने धीरे-धीरे भ्रष्टाचार और सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का रूप ले लिया।
- विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में 20 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर छात्र थे।
- सैकड़ों लोग घायल हुए और देशभर में आक्रोश फैल गया।
बढ़ते दबाव और जनविरोध के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा।
हालात और सुरक्षा
ओली के इस्तीफे के बावजूद नेपाल में हिंसा का दौर जारी रहा। काठमांडू समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने उपद्रव किया, संसद भवन और सरकारी इमारतों में आग लगाई। स्थिति पर काबू पाने के लिए सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा, और इस दौरान 50 से अधिक लोगों की जान चली गई।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने नेपाल में हालात पर गहरी चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी और साझेदार देश है। दोनों देश मिलकर नागरिकों और राष्ट्र की भलाई और समृद्धि के लिए काम करना जारी रखेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करने के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता भी की।





