BY: Yoganand Shrivastva
भारत में रेल यातायात का इतिहास लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। पहले राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस को तेज रफ्तार ट्रेनों का पर्याय माना जाता था, लेकिन अब वक्त बदल चुका है। देश की पटरियों पर ऐसी ट्रेन दौड़ रही है, जो स्पीड के मामले में सभी को पीछे छोड़ चुकी है। हम बात कर रहे हैं ‘नमो भारत’ ट्रेन की, जो आज भारत की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन बन गई है।
160 किमी प्रति घंटा: सबसे तेज रफ्तार का रिकॉर्ड
दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के 55 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ‘नमो भारत’ ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड से चलती है। इससे पहले 2016 में लॉन्च हुई गतिमान एक्सप्रेस को भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन का खिताब मिला था, जो हजरत निजामुद्दीन से आगरा के बीच इसी रफ्तार से दौड़ती थी।
बाद में आई वंदे भारत एक्सप्रेस भी इसी गति तक चलने में सक्षम रही। हालांकि, जून 2024 में रेल मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से सभी ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार को घटाकर 130 किमी प्रति घंटा कर दिया। वर्तमान में भारतीय रेल नेटवर्क पर यही अधिकतम गति सीमा लागू है, लेकिन नमो भारत अपने विशेष ट्रैक पर अब भी रिकॉर्ड स्पीड हासिल कर रही है।
दिल्ली से मेरठ का सफर मिनटों में
‘नमो भारत’ की 30 अत्याधुनिक ट्रेनें न्यू अशोक नगर (दिल्ली) से मेरठ दक्षिण (उत्तर प्रदेश) के बीच चल रही हैं।
- हर ट्रेन में 6 कोच हैं।
- प्रत्येक स्टेशन से 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध रहती है।
- रूट पर कुल 11 स्टेशन हैं और कुछ स्टेशनों के बीच ट्रेन पूरी रफ्तार पर दौड़ती है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) के मुताबिक, पूरा कॉरिडोर तैयार होने के बाद यह नेटवर्क दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम (मेरठ) तक 82.15 किलोमीटर का सफर बेहद आसान बना देगा। यह ट्रेनें सभी स्टेशनों पर रुकते हुए भी एक घंटे से कम समय में दिल्ली से मेरठ पहुंचा देंगी।
रेलवे तकनीक का नया युग
‘नमो भारत’ का सफर भारतीय रेलवे के इतिहास में एक मील का पत्थर है। ये ट्रेनें अत्याधुनिक तकनीक, आरामदायक इंटीरियर और हाई-स्पीड ट्रैक के साथ बनाई गई हैं।
- रैपिड रेल का यह नेटवर्क मेट्रो जैसी फ्रीक्वेंसी और हाई-स्पीड ट्रेन जैसी गति का बेहतरीन संगम है।
- यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को तेज और सुरक्षित परिवहन का विकल्प देता है।
- पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक ट्रेनों के जरिए यह प्रोजेक्ट कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद करेगा।
यात्रियों के लिए गेम चेंजर
नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को फायदा होगा।
- यात्रा का समय आधा हो जाएगा।
- सड़क यातायात पर दबाव कम होगा।
- यह ट्रेन बिजनेस यात्रियों, स्टूडेंट्स और दैनिक यात्रियों के लिए सबसे तेज विकल्प है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह के रैपिड रेल नेटवर्क पूरे देश में लागू होंगे और रेलवे सिस्टम को पूरी तरह बदल देंगे।





