रिपोर्ट- प्रशांत जोशी
सर्व समाज ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
कांकेर। जिले के दुर्गुकोंदल ब्लॉक में ईसाई धर्म के लोगों को कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटन का मामला तूल पकड़ गया है। इस निर्णय के विरोध में स्थानीय ST, SC और OBC समुदायों ने, दुर्गुकोंदल सभापति और सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन आदेश को निरस्त करने की मांग की है।
मूल निवासी समुदाय की आपत्ति
स्थानीय समुदाय का कहना है कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में आता है और यहां उनकी सांस्कृतिक परंपराएं और धार्मिक आस्थाएं सर्वोपरि हैं। क्षेत्र में गायता, पटेल, सिरहा और मांझी मुखिया द्वारा संचालित देवव्यवस्था का पालन किया जाता है।
मूल निवासी समुदाय का आरोप है कि ईसाई धर्म के लोग बिना अनुमति स्थानीय लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार उनकी परंपराओं और देवी-देवताओं का अपमान हो रहा है।
कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटन से सांस्कृतिक विरासत को खतरा
दुर्गुकोंदल क्षेत्र में 141 गांवों में देव व्यवस्था संचालित होती है। स्थानीय समुदाय का कहना है कि यदि कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटन किया गया, तो उनकी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को नुकसान पहुंच सकता है।
समाज के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर यह आदेश वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।





