BY: Yoganand Shrivastava
नेपाल: सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए युवाओं के प्रदर्शनों के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बावजूद देश में हिंसा और अराजकता का माहौल बना हुआ है। इसी बीच भारत के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने आशंका जताई है कि नेपाल में हो रही यह हिंसा किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकती है।
नेपाल में लगातार बिगड़ रहे हालात
सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके बाद गुस्साए लोगों ने संसद भवन सहित कई सरकारी इमारतों और नेताओं के आवासों में आगजनी की। हालात काबू में लाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन उपद्रव लगातार बढ़ता जा रहा है।
श्री श्री रविशंकर का बयान
नेपाल में जारी हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए रविशंकर ने कहा,
“नेपाल में मेरे कई भक्त हैं, मैं लगातार उनसे संपर्क में हूं। वहां युवाओं में गुस्सा और हताशा बढ़ रही है। उन्हें सही अवसर नहीं मिल रहे। हर आंदोलन में असामाजिक तत्व घुस जाते हैं और हालात बिगड़ जाते हैं। संभव है कि इस हिंसा के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र भी हो।”
किसानों की आत्महत्या पर चिंता
नागपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए रविशंकर ने किसानों की आत्महत्या पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा,
“यह बेहद दुखद है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उनका आत्मबल लगातार कम हो रहा है। हमें आध्यात्म और आत्मविश्वास से उन्हें सहारा देना होगा। विदर्भ में एक समय 370 गांवों में हमने पदयात्रा की थी और किसानों को समझाया था। आज फिर वैसा प्रयास जरूरी है।”
उन्होंने बताया कि किसानों और व्यापारियों के लिए नागपुर में तीन दिन का आध्यात्मिक शिविर आयोजित किया गया है। साथ ही सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का पवित्र पिंड भी यहां लाया गया है, ताकि लोग दर्शन कर आस्था से जुड़ सकें।
संघ के 100 साल और उपराष्ट्रपति को बधाई
रविशंकर ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को शुभकामनाएं दीं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रसन्नता जताई। मोहन भागवत के जन्मदिन पर भी उन्होंने शुभकामनाएं दीं। जब उनसे मोहन भागवत के रिटायरमेंट को लेकर बयान पर सवाल पूछा गया, तो वे मुस्कुराकर हाथ जोड़ते हुए आगे बढ़ गए।





