BY: Yoganand Shrivastva
मुरैना, मध्य प्रदेश: मुरैना में महापौर शारदा सोलंकी की भैंस के लिए नगर निगम की गोशाला से सरकारी एम्बुलेंस में भूसा मंगवाने का मामला सामने आया है। घटना सोमवार की है और इसका वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ।
सरकारी एम्बुलेंस में भूसा पहुंचाया गया
महापौर के निजी आवास पर पली भैंस के लिए नगर निगम की देवरी गोशाला से दो बोरों में भूसा भरा गया और इसे नगर निगम की पशु एम्बुलेंस में लादा गया। एम्बुलेंस महापौर आवास पर पहुंची, जहां भूसे से भरे बोरे उतारे गए। महापौर के आवास में उनका कार्यालय भी है और भैंस की देखभाल के लिए एक निजी नौकर तैनात है।
कर्मचारियों और समाजसेवकों की आपत्ति
देवरी गोशाला के गोसेवक रुद्र प्रताप ने बताया कि सरकारी एम्बुलेंस सामान्यतः बीमार या घायल पशुओं के इलाज के लिए दी जाती है। उनका कहना है कि एम्बुलेंस महापौर के निजी पशुओं के लिए इस्तेमाल करना गलत है, क्योंकि जरूरत पड़ने पर आम पशुओं के लिए एम्बुलेंस देर से या कभी-कभी नहीं आती।
गोशाला प्रभारी कोमल सिंह ने भी कहा कि यह कार्रवाई उचित नहीं है और उन्होंने मामले को अधिकारियों तक पहुँचाने की बात कही।
महापौर की सफाई
महापौर शारदा सोलंकी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भैंस के लिए भूसा प्राइवेट टाल से आता है और एम्बुलेंस का उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि वह गायों और भैंसों की सेवा में विश्वास रखती हैं और गोशाला की स्थिति सुधारने में सक्रिय हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
शारदा सोलंकी जुलाई 2022 में महापौर चुनी गई थीं। 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं। उनका परिवार भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है; उनके जेठ, बाबूलाल सोलंकी, 1980 में मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद रहे थे।
नगर निगम कमिश्नर का जवाब नहीं
इस मामले में नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
यह मामला प्रशासनिक संसाधनों के निजी इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है और स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।





