by: vijay nandan
गुजरात में पंजीकृत 10 अनाम राजनीतिक दलों को 5 साल में ₹4300 करोड़ का चंदा मिला। चुनाव रिपोर्ट में खर्च सिर्फ ₹39 लाख बताया गया, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में ₹3500 करोड़। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की।
राहुल गांधी का हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात की कुछ ऐसी राजनीतिक पार्टियां हैं जिनका नाम तक जनता नहीं जानती, लेकिन उन्हें ₹4300 करोड़ का चंदा मिला।
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना – लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 27, 2025
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा – या फिर… pic.twitter.com/CuP9elwPaY
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“ये गुमनाम पार्टियां चुनावों में नाम मात्र की गतिविधि दिखाती हैं, फिर भी हजारों करोड़ रुपये इन्हें कहां से और क्यों मिले? क्या चुनाव आयोग इसकी जांच करेगा?”
ये 10 गुमनाम दल जिन्हें मिला भारी-भरकम चंदा
गुजरात में पंजीकृत इन 10 दलों को पांच वर्षों (2019-20 से 2023-24) में भारी चंदा मिला:
- Bharatiya National Janata Dal – ₹957.45 करोड़
- Satyavadi Rakshak Party – ₹416.23 करोड़
- New India United Party – ₹407 करोड़
- Bharatiya Janparishad – ₹177 करोड़ (खर्च दिखाया)
- Saurashtra Janata Party – ₹141 करोड़
- Lokshahi Satta Party – ₹22.82 करोड़
- Mother Land National Party – ₹86.36 लाख
- Samyak Party – करोड़ों की आय, नगण्य चुनावी उपस्थिति
- Jai Bharat Party – बेहद सीमित सक्रियता, फिर भी करोड़ों का चंदा
- Rashtriya Jan Jagran Party – नाम मात्र की राजनीतिक भागीदारी
चुनावी खर्च और चंदे के आंकड़े चौंकाते हैं
इन 10 दलों ने पिछले तीन बड़े चुनावों (2019 और 2024 लोकसभा, 2022 विधानसभा) में केवल 43 उम्मीदवार उतारे।
- इन्हें कुल 54,069 वोट ही मिले।
- चुनाव रिपोर्ट में खर्च मात्र ₹39.02 लाख दिखाया गया।
- जबकि ऑडिट रिपोर्ट में चुनावी खर्च लगभग ₹3500 करोड़ बताया गया।
- राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’
- राहुल गांधी इन दिनों बिहार में 16 दिन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर हैं।
- यह यात्रा 1,300 किलोमीटर लंबी है।
- इसमें 20 जिलों से गुजरते हुए 1 सितंबर को पटना में इसका समापन होगा।
- यात्रा के दौरान कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने चुनावी सूची में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं।
बड़ा सवाल: चुनाव आयोग करेगा जांच?
यह खुलासा चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है क्या चुनाव आयोग इन गुमनाम पार्टियों और इनके फंडिंग सोर्स की जांच करेगा? या फिर यह मामला भी अधर में लटक जाएगा? फिलहाल, राहुल गांधी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है और आने वाले दिनों में इसका असर राजनीति पर साफ दिखाई दे सकता है।





