गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को भोजन और सहायता की तलाश में केंद्र की ओर जा रहे फिलिस्तीनियों पर इजरायली सेना ने हमला कर दिया। इस गोलीबारी और बमबारी में कम से कम 25 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
स्थानीय अस्पतालों ने पुष्टि की है कि हमले का निशाना वे टेंट थे, जहां विस्थापित लोग शरण ले रहे थे।
UN ने घोषित की भुखमरी
इंटेग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेस क्लासीफिकेशन (IPC) ने पहली बार मध्य पूर्व में गाजा को “भुखमरी की स्थिति” घोषित किया है।
- रिपोर्ट के मुताबिक गाजा की लगभग एक चौथाई आबादी (करीब 5 लाख लोग) गंभीर भूख से जूझ रही है।
- इनमें से कई लोग मौत के कगार पर पहुंच चुके हैं।
- इजरायल ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए दावा किया कि पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय से जारी नाकाबंदी और सीमित राहत पहुंचने के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
हमलों में महिलाएं और बच्चे भी निशाना
- नासर अस्पताल ने जानकारी दी कि दक्षिणी गाजा में हुए हमलों में 14 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे।
- खान यूनिस के टेंटों पर बमबारी की गई, जहां शरण लेने वाले विस्थापित लोग मौजूद थे।
- शेख रदवान फील्ड अस्पताल के अनुसार, ज़िकिम क्रॉसिंग के पास सहायता लेने जुटे 5 और लोग गोलीबारी में मारे गए।
- बाकी मौतें गाजा के अन्य हिस्सों में हुईं।
एक शोक संतप्त नागरिक ने कहा – “गाजा में अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है… उत्तर से दक्षिण तक हर जगह बमबारी हो रही है।”
अंतरराष्ट्रीय दबाव और इजरायल का रुख
- IPC की रिपोर्ट के बाद वैश्विक स्तर पर इजरायल पर दबाव बढ़ गया है।
- इजरायल सरकार ने कहा कि वह युद्ध के दौरान भी मानवीय सहायता की अनुमति दे रहा है।
- प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने आरोप लगाया कि हमास ही लोगों को बंधक बनाकर भूख से मरने के लिए मजबूर कर रहा है।
गाजा सिटी पर बड़े हमले की तैयारी
इजरायली सेना ने कहा है कि वह पहले से ही गाजा सिटी के ज़ैतून इलाके सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय है। आने वाले दिनों में और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाने की तैयारी है।
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने चेतावनी दी है कि उनके क्लीनिक मरीजों से भरते जा रहे हैं। हालिया हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग फिर से विस्थापित हो चुके हैं।
गाजा में लगातार बढ़ते हमले और UN की भुखमरी रिपोर्ट ने पूरे विश्व का ध्यान इस मानवीय संकट की ओर खींचा है। जहां एक ओर इजरायल सुरक्षा और युद्ध की बात करता है, वहीं दूसरी ओर लाखों लोग भूख और मौत से जूझ रहे हैं।





