केरल के नाविक की 8 साल पुरानी गुमशुदगी का राज़: अब सीबीआई करेगी जांच

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केरल के नाविक की 8 साल पुरानी गुमशुदगी का राज़: अब सीबीआई करेगी जांच

2017 में बहामास के झंडे वाले एक जहाज से रहस्यमय तरीके से लापता हुए केरल के 21 वर्षीय नाविक अभिनंद येसुदासन का मामला अब सीबीआई के हाथों में चला गया है। केरल हाईकोर्ट ने यह आदेश नाविक के पिता की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे की गुमशुदगी की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।


कैसे हुआ था नाविक का लापता होना?

  • अभिनंद कोल्लम, केरल के रहने वाले थे।
  • वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह स्थित एरीज़ मरीन्स एलएलसी कंपनी में पाइप फिटर के रूप में काम करते थे।
  • 21 मार्च 2017 को, मिस्र से सऊदी अरब के जेद्दा की यात्रा के दौरान, जहाज से अचानक उनका कोई पता नहीं चला।

उनके पिता के अनुसार, अभिनंद ने मिस्र और तुर्की से कई बार परिवार से संपर्क किया था और सामान्य रूप से खुश लग रहे थे। लेकिन 17 मार्च 2017 को उन्होंने बताया कि अनुभव की कमी के कारण सहकर्मी और सुपरवाइजर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। यह उनकी आखिरी बातचीत थी।


प्रताड़ना का आरोप

अभिनंद ने अपनी आखिरी कॉल में बताया:

  • सुपरवाइजर उन्हें बेरहमी से प्रताड़ित कर रहा है।
  • कॉल खत्म करने से पहले उन्होंने कहा कि पासपोर्ट सत्यापन का समय हो गया है, और फिर फोन कट गया।

इसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं चला।


जांच में आई कानूनी बाधाएं

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केरल पुलिस ने बताया:

  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, राज्य पुलिस को 12 समुद्री मील से बाहर हुई घटनाओं पर अधिकार क्षेत्र नहीं है।
  • अभिनंद बहामास के झंडे वाले जहाज से लापता हुए, इसलिए कोई भी अपराध बहामास के कानून के तहत ही सुलझाया जा सकता है।
  • भारत का बहामास के साथ MLAT (Mutual Legal Assistance Treaty) नहीं है, इसलिए सीधे कानूनी मदद नहीं मिल सकती।

इंटरपोल से भी मिली निराशा

  • इंटरपोल चैनलों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और मिस्र के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB) से संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली।
  • NCB काहिरा ने केवल औपचारिक जानकारी के लिए पत्र मांगा था।
  • पुलिस ने माना कि इस मामले में बहामास का बयान बेहद अहम होगा।

हाईकोर्ट का आदेश: सीबीआई करेगी जांच

न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने आदेश में कहा:

“यदि कोई व्यक्ति लापता है और उसका पता नहीं चल पा रहा है, तो राज्य और केंद्र सरकार का यह कर्तव्य है कि वे जांच कराएं और कानून के अनुसार निष्कर्ष निकालें।”

अब सीबीआई इस मामले की तह तक जाने की कोशिश करेगी, ताकि आठ साल से लापता इस नाविक के साथ क्या हुआ, इसका सच सामने आ सके।

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