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ग्वालियर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों में छुट्टी घोषित

ग्वालियर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूलों में छुट्टी घोषित

ग्वालियर में बीते 24 घंटे से हो रही तेज बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी है। गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार तक जारी रही, जिससे कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है।


24 घंटे में रिकॉर्ड 120.9 मिमी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार,

  • गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक 90.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • इसके बाद शुक्रवार रात 8:30 बजे तक और 30 मिमी बारिश हुई।
  • कुल मिलाकर, 24 घंटे में 120.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

इस भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आवाजाही में दिक्कतें आईं।


विधानसभा अध्यक्ष के बंगले तक पहुंचा पानी

बारिश के कारण हालात इतने बिगड़े कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सरकारी आवास में भी घुटनों तक पानी भर गया। यह घटना शुक्रवार सुबह सामने आई।


स्कूलों में अवकाश की घोषणा

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए ग्वालियर के कलेक्टर ने शनिवार को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।


तिघरा बांध में तेजी से बढ़ा जलस्तर

तिघरा बांध में भी बारिश का असर साफ देखा गया।

  • पहले जलस्तर 738 फीट पर स्थिर रखा गया था।
  • लेकिन शुक्रवार को यह 739 फीट तक पहुंच गया।
  • जलस्तर बढ़ने के कारण शुक्रवार सुबह 9 बजे तिघरा के 6 गेट खोलने पड़े।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, जब तक जलस्तर 739 फीट पर नहीं लौट आता, गेट खुले रहेंगे।


आने वाले दो दिन और भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि

  • अगले दो दिन भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
  • ऐसे में शहरवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जल संसाधन विभाग की योजना है कि बारिश कम होने पर तिघरा का जलस्तर 740 फीट तक भरा जा सकता है।


सतर्कता ही सुरक्षा

ग्वालियर के मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियां बेहद अहम हो जाती हैं। बारिश के इस दौर में लोग घर से निकलते समय मौसम अपडेट जरूर देखें और जलभराव वाले इलाकों से बचें।


ग्वालियर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। स्कूलों की छुट्टी, बांध के गेट खुलना और जलभराव जैसी स्थितियां यह बताने के लिए काफी हैं कि मौसम कितना गंभीर हो सकता है। ऐसे में सुरक्षा और सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।

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