भोपाल में मेट्रो के पहले चरण की टेस्टिंग अब अंतिम चरण में है। सुभाषनगर से एम्स के बीच हर दिन 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो का ट्रायल किया जा रहा है। रोजाना करीब 3 से 4 घंटे तक 10 से 15 ट्रायल रन किए जा रहे हैं।
यह नॉन-स्टॉप टेस्टिंग अगस्त के अंत तक जारी रहेगी, जिसके बाद RDSO (Research Design and Standards Organization) की टीम तकनीकी निरीक्षण करेगी। अनुमान है कि अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं।
क्या हो रहा है टेस्टिंग में?
मेट्रो की टेस्टिंग के दौरान कई तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, जैसे:
- ट्रैक की फिटनेस
- अधिकतम गति
- सिग्नलिंग सिस्टम
- ब्रेकिंग सिस्टम
- ट्रैफिक संचालन
भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सभी कार्यों की डेडलाइन सितंबर 2025 तक तय की है।
RDSO और CMRS की भूमिका
- RDSO की टीम जुलाई के अंत तक भोपाल पहुंच सकती है।
- आवश्यक दस्तावेज़ पहले ही जमा कर दिए गए हैं।
- RDSO की स्वीकृति के बाद CMRS (Commissioner of Metro Rail Safety) अंतिम निरीक्षण करेगा।
- “ओके रिपोर्ट” मिलने के बाद ही मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू होगी।
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति
- पहला रूट: एम्स से करोद (16.05 किमी)
- प्रायोरिटी कॉरिडोर: एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी)
- प्रायोरिटी सेक्शन का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था।
- रानी कमलापति स्टेशन तक का कार्य पूरा हो चुका है।
- अलकापुरी, एम्स और DRM तिराहा स्टेशन तक मेट्रो अब पहुंच चुकी है।
- दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी सफल रही है।
पहली बार कब दौड़ी थी मेट्रो?
- 3 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर कर ट्रायल रन की शुरुआत की थी।
- उस समय मेट्रो 80 Km/h की स्पीड से चली थी – यही स्पीड कमर्शियल रन के लिए निर्धारित है।
भोपाल में देरी क्यों हुई?
- पहले केवल सुभाषनगर से रानी कमलापति तक मेट्रो चलाने का प्लान था।
- अब यह पूरा 6.22 किमी का कॉरिडोर कवर करेगी।
- स्टेशन पर सिविल वर्क और सिस्टम इंस्टॉलेशन जैसे कार्यों की वजह से देरी हुई।
- इसी बीच इंदौर में मेट्रो के ज़्यादा कार्य पूरे हुए, इसलिए पहले वहां शुरू की गई।
भोपाल मेट्रो स्टेशन होंगे एयरपोर्ट जैसे
- मेट्रो स्टेशनों का इंटीरियर आधुनिक और एयरोपोर्ट-जैसा होगा।
- फूड प्लाज़ा और शॉपिंग स्पेस भी होंगे उपलब्ध।
- यात्रियों को खाने-पीने और जरूरत का सामान खरीदने की सुविधा मिलेगी।
- मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
भोपाल मेट्रो का भविष्य उज्ज्वल
भोपाल मेट्रो शहर की यातायात व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है। सितंबर तक सभी तकनीकी काम पूरे होते ही, RDSO और CMRS की मंज़ूरी के बाद मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने की पूरी उम्मीद है। यह न केवल यात्रा को तेज़ और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि भोपाल को स्मार्ट सिटी की दिशा में और आगे ले जाएगा।





