BY: Yoganand Shrivastva
भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता, निर्देशक और निर्माता धीरज कुमार का 80 वर्ष की उम्र में मंगलवार 15 जुलाई 2025 को मुंबई में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और आखिरी समय में उन्हें निमोनिया के चलते वेंटिलेटर पर रखा गया था।
अस्पताल में ली अंतिम सांस
सोमवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुबह 11:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पहले उन्हें ICU में रखा गया, लेकिन डॉक्टरों ने शुरुआत से ही उनकी हालत को गंभीर बताया था।
निमोनिया बना मौत का कारण
धीरज कुमार को गंभीर निमोनिया हुआ था। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ रही थी, और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और सभी से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की गई थी।
फिल्मी करियर की शुरुआत मॉडलिंग से
धीरज कुमार ने अपने सफर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। वे 1960 के दशक में फिल्मफेयर टैलेंट हंट प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, जहां उन्हें तीसरा स्थान मिला था। पहले स्थान पर राजेश खन्ना और दूसरे स्थान पर सुभाष घई थे।
यहां से उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा और उन्होंने 1970 से 1985 के बीच कई फिल्मों में अभिनय किया।
फिल्मों में निभाए दमदार किरदार
उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं:
- हीरा पन्ना
- रोटी कपड़ा और मकान
- बहारों फूल बरसाओ
- शिरडी के साईं बाबा
- सरगम
- मांग भरो सजना
- क्रांति
- कर्म युद्ध
- पुराना मंदिर
- बेपनाह
उनकी अभिनय शैली में गहराई और सहजता का समावेश था। वे हर किरदार को अपनी विशेष पहचान देने में सक्षम थे।
प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के रूप में नया अध्याय
एक्टिंग के बाद धीरज कुमार ने टेलीविजन की ओर रुख किया और अपना प्रोडक्शन हाउस ‘क्रिएटिव आई लिमिटेड’ शुरू किया। इसके तहत उन्होंने धार्मिक और सामाजिक विषयों पर कई यादगार टीवी शोज़ बनाए, जिनमें से कई आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं।
धार्मिक धारावाहिकों के जनक
धीरज कुमार की सबसे प्रसिद्ध कृति रही — “ओम नम: शिवाय” — जो दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ और भारत के हर कोने में लोकप्रिय हुआ। इसके अलावा उन्होंने निम्नलिखित टीवी शोज़ का निर्माण किया:
- श्री गणेश
- मन में है विश्वास
- ये प्यार न होगा कम
- तुझ संग प्रीत लगाई सजना
- नादानियां
- इश्क सुभान अल्लाह
धीरज कुमार धार्मिक विषयों को आधुनिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने में माहिर थे। उनकी कहानियों में गहराई और अध्यात्म का समन्वय होता था।
श्रद्धांजलि: इंडस्ट्री में शोक की लहर
धीरज कुमार के निधन की खबर से पूरी फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री शोक में डूब गई है। सोशल मीडिया पर सितारे, प्रशंसक और उनके सहकर्मी लगातार उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
एक्टर और निर्देशक अमित बहल ने लिखा — “धीरज जी एक इंस्टीट्यूशन थे। उन्होंने धर्म, भावना और मनोरंजन को जोड़ा। उनके बिना इंडस्ट्री अधूरी सी लग रही है।”
प्रोड्यूसर एकता कपूर ने कहा — “धीरज सर एक सच्चे गुरु और लीजेंड थे। उन्होंने हम सभी को प्रेरणा दी।”
एक युग का अंत
धीरज कुमार का जाना केवल एक कलाकार की मृत्यु नहीं, बल्कि भारतीय टेलीविजन के एक अध्याय का समापन है। उन्होंने न केवल शानदार अभिनय किया बल्कि अपनी सोच और दृष्टि से करोड़ों लोगों को आध्यात्मिकता, संवेदना और मनोरंजन से जोड़ा।
उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा। वे चले गए, लेकिन “ओम नमः शिवाय” की गूंज और उनके बनाए दृश्यों में वे हमेशा जीवित रहेंगे।
धीरज कुमार को शत-शत नमन।





