BY: Yognand Shrivastava
ग्वालियर, मुरार स्थित जिला अस्पताल में रविवार को सामने आए एक रहस्यमयी मामले ने सभी को चौंका दिया। सुबह एक महिला को गंभीर हालत में तीन युवक ऑटो से अस्पताल लाए और भर्ती कराने के बाद वहां से चुपचाप निकल गए। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि महिला को भर्ती कराने वालों ने अस्पताल में गलत नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराया था।
CCTV फुटेज ने खोला राज
पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की तो अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई। फुटेज में दिखा कि तीन युवक एक ऑटो में महिला को लेकर पहुंचे और उनमें से एक ने महिला को गोद में उठाकर वार्ड तक पहुंचाया। कुछ ही मिनट बाद तीनों युवक अस्पताल से निकलकर फरार हो गए। पुलिस ने फुटेज में दिखे ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रेस किया और उसके आधार पर उन तक पहुंच गई जो महिला को अस्पताल लाए थे।
तीन साल से लिव-इन में रह रही थी महिला
मुख्य आरोपी चेतन, जो मालनपुर, भिंड का रहने वाला है, को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि मृत महिला का नाम सोनी (30 वर्ष) था और वह बिहार की रहने वाली थी। दोनों की मुलाकात तीन साल पहले ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती हुई और फिर दोनों बिना शादी किए पति-पत्नी की तरह मालनपुर में किराए के मकान में रहने लगे।
जहरीले कीड़े के काटने से बिगड़ी हालत
चेतन ने पुलिस को बताया कि रविवार तड़के करीब 4 बजे, सोनी को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होती देख उसने मकान मालिक और एक ऑटो चालक की मदद ली और महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया।
फर्जी पहचान देकर भागा आरोपी
चेतन ने कबूला कि महिला के पास कोई पहचान पत्र नहीं था। उसे डर था कि कहीं पुलिस अवैध साथ रहने या पहचान न होने पर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न कर दे। इसी डर से उसने अस्पताल में गलत नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करवाया और इलाज शुरू होते ही वहां से भाग गया।
जब डॉक्टरों ने उपचार के दौरान रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो वह नंबर स्विच ऑफ मिला। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस कर रही गहन जांच
मुरार थाना प्रभारी ने बताया कि युवक को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिला की मौत जहरीले कीड़े के काटने से हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
कोई कानूनी दस्तावेज नहीं मिला
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतका और आरोपी के पास शादी से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज नहीं है। दोनों सिर्फ सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। अभी तक महिला की परिवार या पहचान से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं। पुलिस बिहार पुलिस से संपर्क कर रही है ताकि महिला की पहचान और परिवार की जानकारी जुटाई जा सके।
सामाजिक जिम्मेदारी और पहचान का सवाल
यह मामला एक ओर जहां मानवीयता और सामाजिक रिश्तों की संवेदनशीलता को उजागर करता है, वहीं फर्जी नाम-पते से अस्पताल में भर्ती जैसी गतिविधियों पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस इस मामले को सावधानीपूर्वक जांच रही है ताकि सच सामने आ सके और यदि कोई लापरवाही या अपराध हुआ है तो संबंधित व्यक्ति को कानूनी परिणाम भुगतने पड़े।





