BY: Yoganand Shrivastva
बेंगलुरु में ऑटो रिक्शा से सफर करने वालों के लिए एक नई खबर सामने आई है। अब ऑटो की सवारी पहले से महंगी हो गई है। बेंगलुरु शहरी जिला क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने ऑटो रिक्शा किराए में बदलाव करते हुए नई दरों की घोषणा की है, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होंगी। इस फैसले से जहां ऑटो चालकों को राहत मिली है, वहीं यात्रियों को अब थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
क्या बदला है किराए में?
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित किराया केवल बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) की सीमा के अंदर लागू रहेगा।
- न्यूनतम किराया: पहले 2 किलोमीटर के लिए अब ₹30 की बजाय ₹36 चुकाने होंगे।
- प्रति अतिरिक्त किलोमीटर: अब ₹15 की जगह ₹18 देना होगा।
- रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक: किराए पर 50% का रात्रिकालीन अधिभार लागू रहेगा।
अन्य नियम और शुल्क
- वेटिंग चार्ज: शुरुआती 5 मिनट तक कोई प्रतीक्षा शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद हर 15 मिनट पर ₹10 अतिरिक्त वसूले जाएंगे।
- सामान ढोने की सीमा: 20 किलो तक सामान मुफ्त ले जाया जा सकेगा। इससे अधिक वजन के लिए प्रत्येक अतिरिक्त 20 किलो पर ₹10 अतिरिक्त देने होंगे।
अधिकतम सामान सीमा: 50 किलोग्राम।
ऑटो यूनियनों की जीत
बेंगलुरु की ऑटो यूनियन लंबे समय से किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रही थी। उनकी मांग थी कि:
- न्यूनतम किराया ₹40 किया जाए।
- प्रति किलोमीटर ₹20 लिया जाए।
हालांकि सरकार ने दोनों मांगों को पूरा न करते हुए, एक संतुलित समाधान निकाला और न्यूनतम किराया ₹36 तथा प्रति किमी ₹18 निर्धारित किया है। यूनियन ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है।
11 साल में तीसरी बार बढ़ा किराया
दिलचस्प बात यह है कि बीते 11 वर्षों में केवल दो बार ही ऑटो किराए में बदलाव हुआ है। इससे पहले नवंबर 2021 में दरों में बढ़ोतरी की गई थी। अब तीसरी बार किराए में संशोधन किया गया है।
मीटर अपडेट की अंतिम तारीख
RTA ने यह भी निर्देश दिया है कि 31 अक्टूबर 2025 तक सभी ऑटो में मीटरों को अपडेट कर सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी मीटरों में नई दरें स्पष्ट रूप से दिखाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को कोई भ्रम न हो।
क्या कहती है जनता?
जहां ऑटो चालक इस बढ़ोत्तरी से संतुष्ट नजर आ रहे हैं और इसे अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों के लिहाज़ से राहत भरा कदम मान रहे हैं, वहीं आम जनता को अब अपने बजट पर थोड़ी और मार झेलनी पड़ेगी। बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों के बीच यह बदलाव दोनों पक्षों के लिए मिलाजुला प्रभाव छोड़ने वाला है।
सरकार ने संतुलन साधते हुए किराए में बदलाव किए हैं ताकि यात्रियों पर अत्यधिक भार न पड़े और ऑटो चालक भी बेहतर कमाई कर सकें। यह बदलाव बेंगलुरु के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में एक महत्वपूर्ण कदम है।





