BY: Yoganand Shrivastava
हरदा, मध्य प्रदेश , हरदा जिले में करणी सेना के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर समेत लगभग 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
क्या है विवाद?
करणी सेना के पदाधिकारी आशीष राजपूत ने विकास लोधी, मोहित वर्मा और उमेश तपानिया के खिलाफ हीरा खरादवाने के नाम पर 18 लाख रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेशी के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस से उसे अपने हवाले करने की मांग की। इस दौरान हंगामा बढ़ गया और पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए आशीष राजपूत और जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रदर्शन की शुरुआत और पुलिस की कार्रवाई
इन गिरफ्तारियों के विरोध में शनिवार शाम से करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बायपास रोड पर चक्का जाम कर दिया था। रविवार सुबह तक मामला बढ़ता गया। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाइश दी गई, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाया और आंसू गैस के गोले छोड़े। कई प्रदर्शनकारियों को दुकानों और गलियों में छिपते देखा गया, जिन्हें पुलिस ने खोजकर बाहर निकाला।
तनावपूर्ण हालात और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान दोपहिया वाहन सड़क पर बिखरे पड़े हैं और यातायात को डायवर्ट किया गया है। भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिशों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन से बचने के लिए गद्दों और अन्य सामानों का इस्तेमाल किया।
क्या कह रहे हैं संगठन के नेता?
करणी सेना का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को अनुचित तरीके से हिरासत में लिया गया और पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। महाराणा सेना के संस्थापक राजेंद्र राणा ने गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन तेज करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन पूरी घटना को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलकों में हलचल बनी हुई है। इस बीच, हरदा में अन्य जिलों से भी करणी सेना के पदाधिकारी पहुंच रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।





