BY: Yoganand Shrivastva
लखनऊ, जबरन धर्मांतरण के आरोपों में घिरे जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को लेकर एक के बाद एक बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि अवैध गतिविधियों के लिए छांगुर बाबा को विदेशों से करीब 200 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है। यह लेन-देन नेपाल के ज़रिए किया गया था, जहां सीमावर्ती जिलों में 100 से अधिक बैंक खाते खुलवाए गए थे।
नेपाल से पैसों का नेटवर्क
जांच में यह बात सामने आई है कि काठमांडू सहित नेपाल के नवलपरासी, रूपनदेही और बांके जैसे जिलों में बैंक खाते खोले गए थे, जिनमें पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और दुबई से पैसे भेजे गए। इन पैसों को नेपाल में एजेंटों द्वारा 4-5% कमीशन पर निकाला गया और फिर कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के माध्यम से भारत में छांगुर बाबा तक पहुंचाया गया।
बैंक खातों की डिटेल्स ने खोली पोल
जांच एजेंसियों को छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों के कई बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें भारी विदेशी लेन-देन हुआ है। मुख्य रूप से दो लोगों के बैंक खातों पर जांच एजेंसियां ध्यान केंद्रित कर रही हैं:
1. नीतू उर्फ नसरीन (छांगुर बाबा की विश्वस्त सहयोगी):
- 8 बैंक खाते, जिनमें सिर्फ चार महीने (फरवरी से जून 2021) में 13.90 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए।
- इनमें से एक BOB अकाउंट में 5 करोड़ रुपये की संदिग्ध विदेशी फंडिंग दर्ज की गई है।
2. नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन (छांगुर बाबा):
- 6 बैंक खाते, जिनमें से एक में 16.22 करोड़ रुपये, दूसरे में 18.66 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग दर्ज हुई।
- ICICI और HDFC खातों में साल 2021 से 2024 के बीच करोड़ों का लेन-देन हुआ है।
- कई खातों से IMPS, NEFT के जरिए विदेशी खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए।
विदेश से कहां-कहां से आए पैसे?
जांच में सामने आया है कि रकम के स्रोत देशों में पाकिस्तान, दुबई, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं। इसके अलावा UAE, शारजाह और दुबई के मशरेक क्षेत्र में भी छांगुर बाबा के बैंक खातों की जानकारी जांच एजेंसियों को मिल रही है। इनकी पड़ताल के लिए एटीएस (ATS) ने कस्टडी रिमांड में बैंकिंग डिटेल्स निकलवाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
मकसद: धर्मांतरण के लिए नेटवर्क तैयार करना
सूत्रों के मुताबिक, इन पैसों का इस्तेमाल यूपी और आसपास के राज्यों में अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क को फैलाने में किया गया। एजेंटों को मोटा कमीशन दिया जाता था और गांव-गांव तक गतिविधियां संचालित की जाती थीं।
आगे क्या?
उत्तर प्रदेश ATS ने छांगुर बाबा के खिलाफ जांच को और तेज कर दिया है। विदेशों से हुई भारी-भरकम फंडिंग के चलते अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग भी मामले में प्रवेश कर सकते हैं। छांगुर बाबा के विदेशों से मिले समर्थन और नेपाल के रास्ते हुए आर्थिक लेनदेन से यह साफ हो गया है कि यह नेटवर्क बेहद संगठित और खतरनाक है।





