BY: Yoganand Shrivastva
बलूचिस्तान (पाकिस्तान) – पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान क्षेत्र से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चलती यात्री बस को रोककर 9 यात्रियों का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। यह हमला झोब इलाके के पास N-40 राजमार्ग पर हुआ जब कालेटा से लाहौर जा रही बस को सशस्त्र आतंकियों ने बीच रास्ते में रोक लिया।
कैसे अंजाम दी गई वारदात?
पाकिस्तान की जियो टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने बस को रुकवाने के बाद यात्रियों से उनके पहचान पत्र मांगे और पंजाब प्रांत से संबंधित लोगों को चुनकर बस से नीचे उतार दिया।
इसके बाद 9 पुरुष यात्रियों को अगवा कर लिया गया। करीब 1 से 1.5 घंटे बाद उनकी लाशें पास की पहाड़ियों में एक पुल के नीचे बरामद हुईं। सभी को करीब से गोली मारकर हत्या की गई थी।
पीड़ितों की पहचान और घटनास्थल
मरने वालों में अधिकतर यात्री मंडी बहाउद्दीन, गुझरनवाला और वजीराबाद जिलों से थे। इस भयावह वारदात ने पूरे पंजाब क्षेत्र में आक्रोश की लहर फैला दी है।
झोब के डिप्टी कमिश्नर हबीबुल्लाह मुसाखेल के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों की संख्या 10 से 12 के बीच थी।
सुरक्षाबलों के मुताबिक, इन हमलावरों ने RPG (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) और स्वचालित हथियारों से फोर्सेज पर भी हमला किया, जिसके बाद जंगलों की ओर फरार हो गए। सुरक्षाबलों द्वारा पीछा करने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार और बलूचिस्तान के स्थानीय प्रशासन ने इस हमले को आतंकी घटना बताते हुए कड़ी निंदा की है।
प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दोषियों को जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिलाने का वादा किया है।
सरकार ने पहले ही N-70 और N-40 जैसे हाई-रिस्क मार्गों पर रात के समय यात्रा पर रोक और मानक सुरक्षा प्रक्रियाएं (SOPs) लागू कर रखी थीं, लेकिन इसके बावजूद हुई इस बड़ी चूक ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।





