,

इज़राइल-ईरान टकराव फिर भड़कने के आसार: यूरेनियम भंडार सुरक्षित रहने की खबर से नेतन्याहू सरकार में बेचैनी

BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली, हाल ही में समाप्त हुए 12 दिवसीय युद्ध के बाद भी इज़राइल और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा। जहां इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य अभियान को सफल बताया, वहीं अब यह सामने आया है कि ईरान का परिष्कृत यूरेनियम भंडार सुरक्षित बचा हुआ है। इससे इज़रायली सरकार की चिंता बढ़ गई है और फिर से सैन्य कार्रवाई की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।


फिर से हमले की चेतावनी

इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज ने शनिवार को स्पष्ट कहा कि अगर ईरान से नए खतरे उभरते हैं तो इज़राइल फिर से सैन्य कार्रवाई करने को तैयार है। उन्होंने कहा,

“वर्तमान में युद्धविराम लागू है, लेकिन यदि तेहरान ने अपनी हवाई क्षमताएं बढ़ाईं, परमाणु गतिविधियां फिर शुरू कीं या लंबी दूरी की मिसाइल तैयार कीं, तो हम तत्काल जवाबी कार्रवाई करेंगे।”

उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान पर हमले के लिए इज़राइल को अमेरिका की अनुमति की जरूरत नहीं है। काट्ज के अनुसार, “हम अपने सुरक्षा आकलन के आधार पर कभी भी कार्रवाई कर सकते हैं।”


अमेरिका में भी चिंता: ट्रंप ने जताया खतरा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल में बयान दिया था कि अगर ईरान फिर से परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ता है, तो संयुक्त हमले की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वह ईरान पर एक और सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस अभियान में इज़राइल और अमेरिका साथ मिलकर कार्रवाई कर सकते हैं।


ईरान की चेतावनी: देंगे मुंहतोड़ जवाब

दूसरी ओर, ईरान के शीर्ष धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने चेतावनी दी है कि अगर युद्धविराम की अवहेलना की गई, तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा।
ईरान पहले ही कह चुका है कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा और किसी भी विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।


यूरेनियम भंडार को बचाया गया

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का यूरेनियम भंडार रहा। पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इज़रायली हमलों के बावजूद ईरान ने समय रहते अपना संवेदनशील यूरेनियम भंडार सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख रफाएल ग्रोसी ने भी पुष्टि की है कि उन्हें 13 जून को ही सूचित कर दिया गया था कि ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को हटा लिया है। यही वजह रही कि हमलों के बावजूद रेडियोधर्मी विकिरण नहीं फैला।


‘किसी भी हद तक जा सकता है इज़राइल’

इज़रायली न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में काट्ज ने साफ कहा,

“हमारी योजना तैयार है। ईरान के परमाणु इरादों को रोकना, उसकी मिसाइल क्षमता को समाप्त करना और अपनी हवाई शक्ति को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हम किसी भी सीमा तक जा सकते हैं।”

राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माननीय सर्वोच्च न्यायालय में म.प्र सरकार ने ओबीसी आरक्षण पर दायर की…