BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली : दिल्ली की जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली नई सरकार ने पानी के पुराने और गलत बिलों को माफ करने की योजना तैयार कर ली है। इससे उन लगभग 16 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है, जिन्हें कोविड-19 के दौरान गलत पानी के बिल भेजे गए थे।
कोरोना काल में क्यों आए थे गलत बिल?
साल 2020 में जब कोरोना महामारी फैली, तो देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया। इसी दौरान दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए घर-घर नहीं जा सके। इसके चलते अनुमान के आधार पर बिल तैयार किए गए, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को उनके वास्तविक खपत से कहीं अधिक राशि का बिल मिला।
बिल असामान्य रूप से अधिक होने के कारण कई लोगों ने उसे चुनौती दी और भुगतान नहीं किया। परिणामस्वरूप, इन उपभोक्ताओं के बिलों में पेनाल्टी और ब्याज जुड़ते गए, और मामूली खपत वाले परिवारों के बिल भी हजारों-लाखों तक पहुंच गए।
अब क्या कदम उठा रही है सरकार?
बीजेपी सरकार अब उन उपभोक्ताओं के लिए राहत योजना लेकर आई है, जिनके पानी के बिल गलत तरीके से बनाए गए थे। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत:
- लेट पेमेंट सरचार्ज और ब्याज माफ किया जाएगा।
- कुल बिल राशि पर 80% से 90% तक की छूट मिल सकती है।
- लगभग 27 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 16 लाख लोग इस योजना से लाभांवित हो सकते हैं।
पुरानी सरकार की अधूरी कोशिशें
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फरवरी 2024 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पानी का एक बिल फाड़कर विरोध जताया था। उन्होंने दावा किया था कि सरकार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करना चाहती है, लेकिन उपराज्यपाल और केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के कारण यह योजना अटक गई।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि कोविड काल में मीटर रीडिंग नहीं ली गई, और फर्जी रीडिंग के आधार पर बिल बनाए गए, जिससे गरीब परिवारों को भारी भरकम रकम चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा था कि,
“हमने पानी मुफ्त किया था, फिर भी इतने बड़े बिल गलत तरीके से भेजे जा रहे हैं।“
लोगों को कैसे होगा लाभ?
नई योजना लागू होने के बाद:
- जिन परिवारों ने बिल नहीं चुकाया है, उन्हें ब्याज और जुर्माने से राहत मिलेगी।
- 50 गज से छोटे मकानों में रहने वाले कई परिवारों पर 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक का बकाया था, जो अब माफ किया जा सकता है।
- सरकार का कहना है कि इससे सामान्य वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो अनजाने में बड़े कर्ज तले दबे थे।





