BY: Yoganand Shrivastva
आजकल दिल से जुड़ी बीमारियाँ सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। चलते-फिरते, डांस करते हुए अचानक लोगों की मौत हो रही है और कारण बनता है—हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट। ऐसे में ज़रूरत है समय रहते जांच कराने की, ताकि खतरे का पहले से पता चल सके। इस कड़ी में सीटी कैल्शियम स्कोर नाम का एक खास टेस्ट सामने आया है, जो यह तय करने में मदद करता है कि आपको दिल का दौरा पड़ने का कितना खतरा है।
क्या है CT कैल्शियम स्कोर?
CT कैल्शियम स्कोर यानी Computed Tomography Coronary Calcium Scoring—एक विशेष प्रकार की स्कैनिंग प्रक्रिया है जो दिल तक खून ले जाने वाली धमनियों (कोरोनरी आर्टरी) में कैल्शियम की मात्रा को मापती है।
धमनियों में कैल्शियम का जमाव दरअसल कोरोनरी आर्टरी डिजीज की शुरुआती चेतावनी है, जो हार्ट अटैक की बड़ी वजह बनती है। यह टेस्ट बिना लक्षणों के भी दिल की बीमारियों का संकेत दे सकता है और डॉक्टर को समय रहते इलाज शुरू करने का मौका देता है।
कैल्शियम स्कोर कितना होना चाहिए?
- 0 स्कोर: हार्ट अटैक का खतरा बेहद कम है।
- 1 से 100: हल्का जोखिम है, लेकिन अलर्ट रहने की ज़रूरत है।
- 100 से ऊपर: अब खतरे की घंटी बज चुकी है। तुरंत एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट अपनाना चाहिए और डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
- 300 से ऊपर: यह उच्च जोखिम की स्थिति है। ऐसे में दवा या सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है। इस स्टेज पर भी मरीज को लक्षण नहीं होते, लेकिन खतरा बड़ा होता है।
किन लोगों के लिए ज़रूरी है ये टेस्ट?
इस टेस्ट की सलाह खास तौर पर इन लोगों को दी जाती है:
- जिनके परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो (जैसे माता-पिता या दादा-दादी को)।
- जिन्हें सीने में दर्द, सांस फूलना या वजन अधिक होने की समस्या हो।
- डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग।
- जो सिगरेट, शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं।
किन आदतों से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा?
- जंक फूड और फास्ट फूड का अधिक सेवन
- नियमित व्यायाम की कमी
- देर रात तक जागना और मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना
- स्क्रीन देखते हुए सोना
- नींद की कमी
- नशे की लत (शराब, सिगरेट)
युवाओं में यह सभी आदतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ गया है।
अगर आप सोचते हैं कि आप युवा हैं और दिल की बीमारी से सुरक्षित हैं, तो यह गलतफहमी घातक साबित हो सकती है। CT कैल्शियम स्कोर टेस्ट समय रहते दिल की बीमारी की पहचान कर सकता है और जीवन बचाने में मददगार हो सकता है।
लक्षणों के इंतज़ार में न रहें। आज ही अपनी जांच कराएं और दिल की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
नोट: यह टेस्ट हमेशा विशेषज्ञ हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) की सलाह पर ही कराएं क्योंकि इसमें कुछ अतिरिक्त जांचों की भी ज़रूरत हो सकती है।





