छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक बुजुर्ग महिला की वर्षों पुरानी पीड़ा का अंत हुआ, जब जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसकी जमीन का कब्जा दिलाया। बेरला तहसील के बहेरा गांव की निवासी राजबती देवी ने आरोप लगाया था कि गांव के दबंगों ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है। इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर रणबीर शर्मा से मिलकर अपनी व्यथा साझा की थी।
राजबती देवी की आपबीती सुनकर कलेक्टर रणबीर शर्मा ने तत्काल गंभीरता दिखाई और बेरला तहसीलदार आशुतोष गुप्ता को मौके पर जाकर जांच करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार ने ग्राम बहेरा पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर राजबती देवी को उसकी जमीन का वास्तविक कब्जा दिलाया।
इस कार्रवाई के बाद राजबती देवी ने संतोष व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर और तहसीलदार का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वर्षों की पीड़ा के बाद अब उन्हें न्याय मिला है और वे प्रशासन की तत्परता से अत्यंत प्रसन्न हैं।
यह मामला प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है, जिससे आम जनता में विश्वास बढ़ा है। कलेक्टर रणबीर शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी नागरिक को अन्याय का सामना न करना पड़े और सभी को समय पर न्याय मिले।





