BY: Yoganand Shrivastva
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत का बयान सामने आया है। उन्होंने भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए इसे न्याय की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। साथ ही उन्होंने देशवासियों से सरकार और सुरक्षा बलों के साथ खड़े रहने की अपील की है।
पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकियों ने निर्दोष सैलानियों को निशाना बनाया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की। इस सैन्य ऑपरेशन के तहत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान को पूरी तरह बौखला दिया है।
मोहन भागवत का बयान: सरकार और सेना को मिला समर्थन
मोहन भागवत ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि “पहलगाम की क्रूर आतंकी घटना के बाद भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसलों और सेना की बहादुरी ने पूरे देश के आत्मसम्मान और साहस को मज़बूत किया है।” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए अनिवार्य था।
आम नागरिकों को किया जागरूक
अपने बयान में भागवत ने देश के नागरिकों से अपील की कि वे सरकार और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना इस वक्त सबसे अहम है, ताकि राष्ट्रविरोधी ताकतें समाज को बांटने में सफल न हों।
देशभक्ति और सहयोग का आह्वान
आरएसएस प्रमुख ने कहा, “हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह इस संकट की घड़ी में राष्ट्र के साथ खड़ा रहे और जरूरत पड़ने पर सैन्य एवं प्रशासनिक प्रयासों में सहयोग करे।” उन्होंने देशवासियों से यह भी आग्रह किया कि वे एकजुटता दिखाते हुए, किसी भी प्रकार की अफवाह या दुष्प्रचार से दूर रहें और राष्ट्रीय एकता को मज़बूती दें।





