भारत सरकार ने पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन झूठे दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि एयर मार्शल सुजीत पुष्पकर धरकर को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने से इनकार करने के कारण बर्खास्त कर दिया गया था। प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने स्पष्ट किया कि एयर मार्शल धरकर 30 अप्रैल, 2025 को वायु सेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। यह लेख इस मिसइनफॉर्मेशन के पीछे के तथ्यों, संदर्भ और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा करता है।
झूठे दावे और सरकार का जवाब
कुछ पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स ने अफवाह फैलाई कि एयर मार्शल धरकर को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध न लड़ने के कारण हटा दिया गया था। PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया:
- एयर मार्शल धरकर सेना के मानक प्रोटोकॉल के अनुसार 40 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
- उन्हें वायु सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- उनके स्थान पर एयर मार्शल नरमदेश्वर तिवारी ने 2 मई, 2025 को पदभार संभाला।
ये झूठी अफवाहें क्यों फैलाई गईं?
यह गलत सूचना भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा लगती है, खासकर पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल, 2025) के बाद, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। प्रमुख कारण:
- भू-राजनीतिक तनाव: भारत ने सिंधु जल समझौता रोकने और पाकिस्तानी सैन्य अटैची को निष्कासित करने जैसे कड़े कदम उठाए।
- पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: शिमला समझौता निलंबित करने और सीमा बंद करने का फैसला।
- सोशल मीडिया पर झूठ का प्रसार: भारतीय सेना की छवि धूमिल करने के लिए पाकिस्तान समर्थक अकाउंट्स द्वारा फेक न्यूज फैलाई गई।
एयर मार्शल सुजीत पुष्पकर धरकर कौन हैं?
एयर मार्शल धरकर एक अत्यधिक सम्मानित फाइटर पायलट हैं, जिन्होंने भारतीय वायु सेना में एक प्रतिष्ठित करियर बनाया:
- अक्टूबर 2024 में वायु सेना के उप प्रमुख नियुक्त हुए।
- भारत की वायु रक्षा रणनीतियों को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई।
- 40 वर्ष की सेवा के बाद 30 अप्रैल, 2025 को सेवानिवृत्त हुए।
सम्मान और श्रद्धांजलि
सेवानिवृत्ति के दिन, भारतीय वायु सेना (IAF) ने उन्हें सम्मानित किया:
- वायु भवन में एक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
- राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
भारत-पाकिस्तान तनाव: पहलगाम हमले के बाद की स्थिति
पहलगाम आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नया मोड़ ला दिया। भारत की प्रतिक्रिया:
| भारत की कार्रवाई | पाकिस्तान की प्रतिक्रिया |
|---|---|
| सिंधु जल समझौता रोका | शिमला समझौता निलंबित किया |
| पाकिस्तानी अटैची निष्कासित किए | भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किया |
| अटारी-वाघा बॉर्डर बंद किया | पाकिस्तानी नागरिक भारत में फंसे |
नवीनतम अपडेट
- भारत ने 2 मई को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सीमा प्रतिबंध ढीले किए।
- पाकिस्तान ने अभी तक कोई जवाबी कदम नहीं उठाया, जिससे भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं।
- PM मोदी ने “आतंकियों और उनके समर्थकों को खत्म करने” की घोषणा की।
संघर्ष के समय फेक न्यूज कैसे फैलती है?
सोशल मीडिया पर झूठी खबरें, खासकर जियोपॉलिटिकल क्राइसिस के दौरान, तेजी से फैलती हैं। इस्तेमाल की जाने वाली रणनीतियाँ:
- फर्जी सैन्य इस्तीफे/बर्खास्तगी की खबरें फैलाकर नेतृत्व को कमजोर दिखाना।
- झूठी वीडियो/तस्वीरें वायरल करना।
- राज्य-समर्थित अकाउंट्स द्वारा भ्रम फैलाना।
फेक न्यूज की पहचान कैसे करें?
- सरकारी स्रोतों (PIB, रक्षा मंत्रालय, IAF) से जानकारी लें।
- सोशल मीडिया पर ब्लू टिक वाले अकाउंट्स पर भरोसा करें।
- प्रतिष्ठित न्यूज चैनल्स से क्रॉस-चेक करें।
एयर मार्शल धरकर और विवाद पर FAQs
1. क्या एयर मार्शल धरकर को सच में बर्खास्त किया गया था?
नहीं, वे 40 वर्ष की सेवा पूरी करके सेवानिवृत्त हुए।
2. पाकिस्तान समर्थक अकाउंट्स यह अफवाह क्यों फैला रहे हैं?
भारतीय सैन्य नेतृत्व में अविश्वास पैदा करने के लिए।
3. पहलगाम हमले पर भारत की क्या प्रतिक्रिया है?
पीएम मोदी ने कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया, जिसमें राजनयिक और सैन्य कदम शामिल हैं।
4. क्या पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई का जवाब दिया है?
हां, उसने शिमला समझौता निलंबित कर दिया और भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया।
निष्कर्ष: डिजिटल युग में फैक्ट-चेकिंग का महत्व
एयर मार्शल धरकर के बारे में फैलाई गई झूठी खबरें दिखाती हैं कि संवेदनशील समय में गलत सूचना कैसे तनाव बढ़ा सकती है। भारत सरकार ने समय रहते इसका खंडन किया, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। जब तक भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बना हुआ है, सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करना और अफवाहों से बचना आवश्यक है।





