दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील अरुण कथपालिया ने दिल्ली के गोल्फ लिंक्स इलाके में 763 वर्ग गज का एक बंगला 69 करोड़ रुपये में खरीदा है। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म CRE Matrix के दस्तावेजों से सामने आई है।
लुटियंस जोन में बढ़ रही वकीलों की दिलचस्पी
गोल्फ लिंक्स और सुंदर नगर जैसे इलाके वकीलों के बीच खासे लोकप्रिय हैं। इसकी वजह यहाँ से हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की नजदीकी है। इसके अलावा, कॉरपोरेट नेताओं और हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) भी यहाँ प्रॉपर्टी खरीदना पसंद करते हैं।
अरुण कथपालिया के इस डील के बाद वे उन मशहूर वकीलों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने हाल ही में लुटियंस बंगला जोन (LBZ) में प्रॉपर्टी खरीदी है। इनमें पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, पूर्व सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रामण्यम और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह शामिल हैं।
क्या है लुटियंस बंगला जोन?
लुटियंस बंगला जोन (LBZ) दिल्ली का सबसे महंगा इलाका माना जाता है। यह 28 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसमें लगभग 3,000 बंगले हैं। इनमें से ज्यादातर मंत्रियों, जजों और सरकारी अधिकारियों के लिए हैं। लेकिन करीब 600 बंगले निजी लोगों के पास हैं, जो देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं।

क्यों मजबूत हैं यहाँ की कीमतें?
इस इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार मजबूत बनी हुई हैं। इसकी वजह यहाँ प्रॉपर्टी की कम उपलब्धता है। ज्यादातर बंगले सरकारी अधिकारियों के पास होते हैं, इसलिए निजी बंगलों की डिमांड हमेशा बनी रहती है।
HNI और अल्ट्रा-HNI का रुख
हाल के सर्वे के मुताबिक, हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) और अल्ट्रा-HNI की रियल एस्टेट में दिलचस्पी थोड़ी कम हुई है। 2024 में 71% लोग रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा घटकर 62% रह गया है।
इंडिया सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी (ISIR) के सर्वे के अनुसार:
- 50% लोगों को उम्मीद है कि रियल एस्टेट से 12% से 18% तक का रिटर्न मिलेगा।
- 38% लोगों को लगता है कि रिटर्न 12% से कम होगा।
आगे क्या?
भले ही निवेशकों का उत्साह थोड़ा कम हुआ है, लेकिन ज्यादातर HNI मानते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। GDP ग्रोथ 6% से 6.5% के बीच रहने का अनुमान है।
इस तरह, दिल्ली के लुटियंस जोन जैसे प्रीमियम इलाकों में प्रॉपर्टी की डिमांड बनी रहने की उम्मीद है।





