BY: Yoganand Shrivatva
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। हाल ही में पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 15 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी व्यक्ति भारत में बिना वैध वीजा के रह रहे थे। इन गिरफ्तारियों में केवल बांग्लादेश के लोग ही नहीं, बल्कि नाइजीरिया और आइवरी कोस्ट के नागरिक भी शामिल हैं।
कहाँ से हुए गिरफ्तार?
दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि मोहन गार्डन और उत्तम नगर क्षेत्रों में चलाए गए इस अभियान के दौरान इन विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में 12 नाइजीरियाई, एक आइवरी कोस्ट और 2 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। ये सभी भारत में तय समय सीमा से अधिक समय से बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे थे।
क्या कार्रवाई की गई?
इन सभी विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। इसके बाद Foreigners Regional Registration Office (FRRO) द्वारा उनकी पहचान सत्यापित की गई और निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब इन्हें जल्द ही उनके मूल देशों में वापस भेजा जाएगा।
केंद्र सरकार की सख्ती
इस कार्रवाई के पीछे केंद्र सरकार की सख्त नीति भी प्रमुख कारण है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, पुलिस आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने दिल्ली में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
अमित शाह ने साफ तौर पर कहा था कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जाए और जो लोग उन्हें आश्रय या दस्तावेज मुहैया करा रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा था।





