,

राज्यपाल की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: संतुलन या संघर्ष ?

- Advertisement -
Ad imageAd image
"Supreme Court vs Governor: A Judicial Overreach into Legislative Space?"

क्या अब न्यायपालिका तय करेगी राज्यपाल का व्यवहार ?

BY: Vijay Nandan

तमिलनाडु विधानसभा सत्र के पहले दिन 6 जनवरी को राज्यपाल ने बिना संबोधन के वॉकआउट कर दिया था। जिसका राज्य के CM समेत अन्य मंत्रियों ने भी विरोध किया। स्टालिन ने यह भी कहा था कि यह बचकाना और लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन है। इस पर गवर्नर ने रविवार को कहा- CM स्टालिन का अहंकार ठीक नहीं है।

दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होने पर राज्य गान तमिल थाई वल्थु गाया जाता है और आखिरी में राष्ट्रगान गाया जाता है, लेकिन राज्यपाल रवि ने इस नियम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राष्ट्रगान दोनों समय गाया जाना चाहिए। राजभवन ने कहा- राज्यपाल ने सदन से राष्ट्रगान गाने की अपील की, ​​लेकिन मना कर दिया गया। यह चिंता का विषय है। संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से नाराज होकर राज्यपाल सदन से चले गए।

केरल की गुहार-जस्टिस पारदीवाला को भेजें केस

केरल सरकार ने सीजेआई संजीव खन्ना से अपना केस जस्टिस पारदीवाला की बेंच को भेजने का आग्रह किया। केरल के राज्यपाल ने 7 बिल 23 माह लटकाकर राष्ट्रपति को भेजे थे। राष्ट्रपति ने 4 बिलों को मंजूरी नहीं दी है। केरल ने दोनों को चुनौती दी है। इस पर सुनवाई 13 मई को होगी।

कई राज्यों में सरकार बनाम राज्यपाल

पंजाब: राज्यपाल बीएल पुरोहित द्वारा 7 विधेयक रोकने पर सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। कोर्ट ने कहा था, राज्यपाल आग से खेल रहे हैं।

तमिलनाडु: राज्यपाल रवि ने 2023 में राज्य सरकार का अभिभाषण पढ़ने से इनकार कर दिया। 2022 में डीएमके ने राष्ट्रपति से उन्हें हटाने की मांग की थी।

तेलंगाना: राज्यपाल टी. सौंदरराजन ने एमएलसी नामांकन व बजट मंजूर करने से इनकार किया। केस हाई कोर्ट में पहुंचा, फिर समझौता।

प. बंगाल: राज्यपाल के पास 23 विधेयक लंबित। विधानसभा अध्यक्ष ने कोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल को इसकी याद दिलाई। कहा- कई अहम बिल फंसे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां:

  1. राज्यपाल को दोस्त, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए, न कि बाधा बनने की। “राज्यपाल को उत्प्रेरक बनना चाहिए, अवरोधक नहीं।”
  2. राज्यपाल के पास ‘वीटो पॉवर’ नहीं है। वे विधानसभा से पास किसी भी विधेयक को अनिश्चितकाल तक रोक नहीं सकते।
  3. राज्यपाल को विधानसभा के विधेयकों पर एक महीने के भीतर निर्णय लेना होगा – चाहे वह मंजूरी देना हो, पुनर्विचार के लिए लौटाना हो, या राष्ट्रपति को भेजना हो। “राज्यपाल को समय-सीमा में काम करना होगा, वरना उनके कदमों की कानूनी समीक्षा की जाएगी।”
  4. राज्यपाल को किसी भी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। “आप संविधान की शपथ लेते हैं, किसी राजनीतिक दल की ओर से संचालित नहीं हो सकते।”
  5. राज्यपाल की ओर से विधेयकों को राष्ट्रपति के पास भेजना मनमाना और असंवैधानिक है।

इस टिप्पणी के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल का पद राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक है, और वे लोकतंत्र में बाधा नहीं, सहयोगी की भूमिका निभाएं। यह फैसला न सिर्फ तमिलनाडु के लिए, बल्कि पूरे देश की राज्य सरकारों के लिए एक संवैधानिक मार्गदर्शक बन गया है।

क्यों हो सकती है विधायिका को आपत्ति?

  1. संवैधानिक कार्यक्षेत्र का अतिक्रमण
    विधायिका यह तर्क दे सकती है कि न्यायपालिका ने राज्यपाल की भूमिका को सीमित कर दिया है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 200 और 201 के तहत दिए गए उनके अधिकारों में हस्तक्षेप जैसा है।
  2. “Separation of Powers” का सवाल
    भारतीय संविधान तीनों संस्थाओं – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका – के बीच शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत मानता है। विधायिका का मानना हो सकता है कि अदालत ने बिल पास करने और प्रक्रिया के भीतर दखल देकर उसकी स्वतंत्रता को चुनौती दी है।
  3. राज्यपाल की भूमिका पर निर्देशात्मक लहजा
    कोर्ट का यह कहना कि “राज्यपाल को उत्प्रेरक बनना चाहिए, अवरोधक नहीं”, या “राजनीतिक दल के एजेंट की तरह बर्ताव नहीं करना चाहिए” – इन टिप्पणियों को विधायिका या सरकार राज्यपाल के अपमान की तरह ले सकती है, खासकर उन राज्यों में जहां केंद्र और राज्य में अलग-अलग दलों की सरकारें हैं।
  4. राजनीतिकरण का खतरा
    कुछ सरकारें यह आशंका जता सकती हैं कि अगर अदालत इस तरह दखल देगी, तो राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच संतुलन बिगड़ सकता है, और यह राजनीति से प्रेरित कार्रवाई जैसा लगेगा।

लेकिन कोर्ट ने खुद भी क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राज्यपाल की शक्तियों को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि यह सुनिश्चित कर रहा है कि वे शक्तियाँ संसदीय लोकतंत्र की भावना और समयबद्धता के साथ प्रयोग की जाएं।

ये भी पढ़िए: राणा सांगा बयान और बवाल: 2027 की सियासी जमीन तैयार करने की रणनीति ?

14 अप्रैल का राशिफल: धनु राशि वालों को मिलेगा यात्रा लाभ, जानें अपनी राशि का भविष्य

Patna Firing News: पटना में युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात

Patna Firing News राजधानी पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र स्थित भूपतिपुर

Kolkata Car Accident: ड्राइविंग सीखते समय दर्दनाक हादसा: तालाब में गिरी कार, महिला की मौत

Kolkata Car Accident पश्चिम बंगाल के केष्टपुर प्रफुल्ल कानन इलाके में कार

इमरान हाशमी की फिल्म Awarapan 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग, सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ पीछे

Awarapan 2: इमरान हाशमी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त 2026

Balochistan में पाकिस्तानी हवाई हमलों का दावा, 30 नागरिकों की मौत; F-16 से बमबारी का आरोप

Balochistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सेना और बलूच विद्रोही संगठनों के बीच

Colombia में 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद मलबे में मिला नवजात, कई लोगों की मौत

Colombia: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत और

बेंगलुरु जेल में Prajwal Revanna की बैरक से Android फोन बरामद, अधिकारी निलंबित

Prajwal Revanna: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा केंद्रीय जेल में बंद पूर्व सांसद

PM Modi ने शेयर किया संस्कृत सुभाषित, पुरुषार्थ और मेहनत को बताया सफलता की कुंजी

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की आज की 10 बड़ी खबरें 1. छत्तीसगढ़ में 3

MP: Top 10

MP: मध्य प्रदेश की आज की 10 बड़ी खबरें 1. MP के

Aaj ka Rashifal: जानें आज का राशिफल

Aaj ka Rashifal: 13 अगस्त 2026, गुरुवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से