रिपोर्टर: संजू जैन
बेमेतरा जिले में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। पानी की समस्या से जूझ रहे गांवों में टैंकर तो उपलब्ध हैं, लेकिन वे लोगों की प्यास बुझाने के लिए उनके द्वार तक नहीं पहुंच रहे।
मुरता गांव में जल संकट की भयावह स्थिति
बेमेतरा जिले के नवागढ़ ब्लॉक स्थित मुरता गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर स्थित इस ग्राम पंचायत में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जल संकट के समाधान के लिए गांव में टैंकर और अन्य साधनों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यह व्यवस्था भी पूरी तरह विफल होती दिख रही है।

टैंकर बना शोपीस, पानी की टंकियां भी बेकार
ग्राम पंचायत मुरता को 15वें वित्त आयोग से एक पानी का टैंकर दिया गया था, जिसे जिला पंचायत सदस्य अंजू बघेल और वर्तमान खाद्य मंत्री के बेटे ने गांव को सौंपा था। लेकिन महज छह महीने में ही यह टैंकर खराब हो गया और अब यह बेकार पड़ा हुआ है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत में दो बड़ी पानी की टंकियां भी बनी हुई हैं, लेकिन वे भी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। इस कारण ग्रामीणों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रही समस्या
गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन जल संकट की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। टैंकर की मरम्मत नहीं करवाई जा रही, और पानी की टंकियों से भी पानी नहीं मिल रहा। इस भीषण गर्मी में ग्रामीणों के लिए पानी की उपलब्धता एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
जल संकट समाधान की जरूरत
ग्रामवासियों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द जल आपूर्ति की उचित व्यवस्था करे। यदि समय रहते इस संकट का समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।





