BY: Yoganand Shrivastva
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला के पेट में 17 साल से एक कैंची फंसी हुई थी, जिसका पता हाल ही में एक्स-रे रिपोर्ट से चला। परिवारवालों को जब इस बात की जानकारी मिली तो वे स्तब्ध रह गए। इस लापरवाही के खिलाफ महिला के पति ने गाजीपुर थाने में डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
कैसे हुआ यह खुलासा?
महिला कई वर्षों से पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थीं। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद समस्या का सही कारण नहीं पता चल सका। अंततः 23 मार्च 2025 को जब एक्स-रे किया गया, तो एक धातु जैसी वस्तु पेट में नजर आई। डॉक्टरों ने जब और जांच की तो पता चला कि यह 17 साल पुरानी ऑपरेशन कैंची है।
कब और कहाँ हुआ था ऑपरेशन?
महिला के पति अरविंद पांडे ने बताया कि 26 फरवरी 2008 को उनकी पत्नी का इंदिरानगर स्थित ‘शी मेडिकल केयर’ अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टर पुष्पा जायसवाल ने डिलीवरी ऑपरेशन किया था, जिसमें डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही के चलते कैंची महिला के पेट में ही रह गई।
शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ समय बाद महिला को लगातार पेट दर्द, गैस्ट्रिक दिक्कतें और बेचैनी होने लगी। परिवार ने इसे आम समस्या समझकर इलाज करवाया, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
केजीएमयू में हुआ दूसरा ऑपरेशन
एक्स-रे रिपोर्ट सामने आने के बाद महिला को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ले जाया गया। वहाँ 25 मार्च 2025 को मेडिकल जांच के बाद महिला को तुरंत भर्ती कर लिया गया।
26 मार्च 2025 को सर्जरी कर डॉक्टरों ने महिला के पेट से कैंची निकाल दी। ऑपरेशन सफल रहा और अब महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
महिला के पति अरविंद पांडे ने गाजीपुर थाने में डॉक्टर पुष्पा जायसवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही के लिए डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोबारा न हों।
मेडिकल लापरवाही पर क्या कहता है कानून?
मेडिकल लापरवाही के मामलों में IPC की धारा 304A के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस धारा के तहत अगर किसी की जान को खतरे में डालने वाली लापरवाही साबित होती है तो सजा या जुर्माना हो सकता है। साथ ही, मरीज के परिजन मुआवजे के लिए भी दावा कर सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल
यह मामला हमारे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़ा करता है कि इतने सालों तक यह गलती किसी की नजर में क्यों नहीं आई? यह पहली बार नहीं है जब मेडिकल लापरवाही का ऐसा गंभीर मामला सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार ऑपरेशन के दौरान उपकरण मरीजों के शरीर में छूट जाने के मामले सामने आए हैं।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी सजा हो।
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