संभल: आज पीस कमेटी की बैठक के दौरान, कोटवाली के सीओ अनुज चौधरी ने एक नया बयान दिया, जिसने दोनों धार्मिक त्योहारों के बीच के विरोधाभास को उजागर कर दिया है। चौधरी ने कहा, “अगर आप ईद पर सेवइयां खिलाना चाहते हैं, तो आपको होली की गुझिया भी खानी पड़ेगी।” उन्होंने जोड़ा कि दोनों पक्ष – एक जो अपनी बात रख रहे हैं और दूसरा जो पीछे हट रहे हैं – के बीच संतुलन न रहने से भाईचारे में दरार आ जाती है।
बयानों का संदर्भ और पिछला विवाद:
संभल में बुधवार को ईद और रामनवमी के मद्देनजर आयोजित पीस कमेटी की बैठक में हिंदू और मुस्लिम समुदाय से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चौधरी ने कहा कि अगर उनका पिछला बयान, जिसमें उन्होंने साल में 52 जुम्मे और सिर्फ एक बार होली के बारे में कहा था, गलत होता, तो लोगों को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए और उनसे सजा भी करवाई जा सकती थी। पिछली बैठक में उनके बयान को लेकर विपक्ष ने कड़ी आलोचना की थी, जबकि बीजेपी ने समर्थन जताया था।
पीस कमेटी में एएसपी श्रीश चन्द्र का बयान:
थाना कोतवाली परिसर में आयोजित बैठक में एएसपी श्रीश चन्द्र ने स्पष्ट किया कि पीस कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी नमाज रोड या बाहरी क्षेत्रों में नमाज अदा न की जाए। पारंपरिक मस्जिदों और ईदगाहों में ही नमाज पढ़ी जाएगी। अनावश्यक इकट्ठे होने से बचने और लाउडस्पीकर के उपयोग को सीमित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सीओ अनुज चौधरी का नया बयान और पीस कमेटी के सदस्यों को दिए गए निर्देश इस बात को दर्शाते हैं कि सामाजिक और धार्मिक समरसता बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जगह पर संतुलित रवैया अपनाना होगा।
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