फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी के कुलपति, रजिस्ट्रार और एक दलाल को नकली डिग्री सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन में दो इंजीनियरिंग छात्रों के भाइयों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
मामले की जड़:
शिकोहाबाद क्षेत्र के मुस्तफाबाद रहचती गांव के माहेंद्र सिंह के बेटे ललित और प्रबल यादव ने जेएस यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा और बीटेक के नकली सर्टिफिकेट खरीदे थे। अब उनके भाई ब्रजकिशोर उर्फ बिल्लू ने कुलपति सुकेश यादव, निदेशक गौरव यादव, रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा और अन्य पर आरोप लगाया है कि उन्होंने नकली डिग्री के बदले उनके भाइयों से 8.50 लाख रुपये वसूले।
ब्रजकिशोर ने शिकोहाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कुलपति ने बड़ी रकम लेकर छात्रों को जाली मार्कशीट और डिग्री जारी की, जिनमें उनके भाई भी शामिल थे।

पुलिस की कार्रवाई:
इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच चल रही है। ग्रामीण एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। साथ ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से भी जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
राजस्थान में भी हुआ था खुलासा:
यह मामला पहली बार 2022 में राजस्थान में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के दौरान सामने आया था। तब 254 उम्मीदवारों के पास नकली डिग्री पाई गई थी। जांच में पता चला कि जेएस यूनिवर्सिटी ने बीपीएड की डिग्री अपने अनुमत सीटों से अधिक जारी की थी।
इसके बाद जयपुर एसओजी ने कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा को गिरफ्तार किया था। कुलपति और दलाल अजय भारद्वाज को भी गिरफ्तार कर लंबी पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था। हाल ही में, कृषि में बीएससी कर रहे कुछ छात्रों ने भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
नकली डिग्री का धंधा:
यह मामला एक बार फिर उच्च शिक्षा में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है। जेएस यूनिवर्सिटी के खिलाफ लगातार नकली डिग्री जारी करने के आरोप सामने आ रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लग सके।
मुख्य बिंदु:
- जेएस यूनिवर्सिटी के कुलपति, रजिस्ट्रार और एक दलाल गिरफ्तार।
- नकली डिग्री के बदले 8.50 लाख रुपये वसूले गए।
- राजस्थान में 254 उम्मीदवारों के पास नकली डिग्री पाई गई थी।
- छात्रों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया।
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