नागपुर में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा, औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर तनाव
नागपुर शहर के कई इलाकों में हिंसा भड़कने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह हिंसा औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर हुई है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री (शहरी) योगेश कदम ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने हिंसा में शामिल 47 लोगों को हिरासत में लिया है। इस दौरान 12 से 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि दो से तीन आम नागरिकों को भी चोटें आई हैं।
मंत्री ने क्या कहा?
योगेश कदम ने कहा, “हिंसा का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन इसकी जांच चल रही है। अब तक 47 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 12 से 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ को लिगामेंट टियर की चोट आई है। दो से तीन आम नागरिक भी घायल हुए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले को सुलझा लिया गया था। हालांकि, इसके कुछ घंटों बाद ही एक समूह ने वैंडलिज़म (तोड़फोड़) शुरू कर दी। मंत्री ने कहा कि “जिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
बीजेपी नेताओं ने क्या कहा?
बीजेपी सांसद कमलजीत सहरावत ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “देश में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। मैं जनता से अपील करती हूं कि वे तथ्यों को समझें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी को मिलजुल कर रहना चाहिए।”
वहीं, बीजेपी विधायक प्रवीण डाटके ने हिंसा प्रभावित इलाके हंसापुरी का दौरा किया और कहा कि यह घटना “पहले से प्लान की गई थी।” उन्होंने कहा, “अगर दुकानें हिंदू और मुस्लिम दोनों की थीं, तो केवल हिंदुओं की दुकानें नुकसान पहुंचाई गईं। एक मुस्लिम की स्टॉल को कुछ नहीं हुआ, लेकिन एक बुजुर्ग महिला की स्टॉल को नुकसान पहुंचाया गया। कैमरे तोड़ दिए गए। यह सब दिखाता है कि यह घटना पहले से प्लान की गई थी।”
डाटके ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए और कहा कि “पुलिस हिंदू नागरिकों के साथ नहीं खड़ी हुई। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी, तो हिंदुओं को अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।”
कर्फ्यू और प्रतिबंध
नागपुर पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंगल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है। यह प्रतिबंध कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपौली, शांतिनगर, सक्करदारा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्रों में लागू है।
पुलिस के अनुसार, 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के 200 से 250 सदस्य महाल, नागपुर में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के पास इकट्ठा हुए और औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और गोबर के उपले से भरी हरी चादर दिखाई।
शाम 7:30 बजे करीब 80 से 100 लोग भालदारपुरा में इकट्ठा हुए, जिससे तनाव बढ़ गया और कानून-व्यवस्था बिगड़ गई। पुलिस ने आदेश जारी कर कहा कि “कर्फ्यू के दौरान किसी को भी मेडिकल कारणों के अलावा घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही पांच से अधिक लोगों को इकट्ठा होना चाहिए। साथ ही, अफवाह फैलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।”
अपवाद
हालांकि, यह आदेश पुलिस/सरकारी कर्मचारियों, आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों और फायर ब्रिगेड के लिए लागू नहीं होगा।
निष्कर्ष
नागपुर में हिंसा के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। साथ ही, शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है ताकि शांति बनाए रखी जा सके।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- 47 लोग हिरासत में, 14 पुलिसकर्मी घायल।
- औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर हिंसा।
- नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा।
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान।
- बीजेपी नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
इस घटना ने एक बार फिर से सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उजागर किया है। सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और हिंसा से दूर रहने की अपील की गई है।
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