कर्मचारियों ने उठाई भर्ती की मांग
पुणे: बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मुख्यालय ‘लोकमंगल’, शिवाजीनगर के बाहर सोमवार को देशभर से आए 500 से अधिक बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और द्विपक्षीय वार्ताओं में हुए समझौतों को लागू करने सहित सात प्रमुख मांगों को लेकर विरोध जताया।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों को लेकर बैंक प्रबंधन पर दबाव बनाया। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं:
- नए कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
- बैंक द्वारा किए गए द्विपक्षीय समझौतों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
- कर्मचारियों के वेतन और प्रमोशन से जुड़े मामलों का जल्द समाधान किया जाए।
- बैंकिंग क्षेत्र में कामकाज की स्थिति में सुधार किया जाए।
- सभी कर्मचारियों को समान अधिकार और सुविधाएं प्रदान की जाएं।
सार्वजनिक बैठक में यूनियनों का समर्थन
प्रदर्शन के बाद सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी बैंकिंग यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कृष्ण बारूरकर और संतोष गडाडे ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया और कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया।
इसके अलावा, AITUC, CITU और हिंद मजदूर सभा जैसी केंद्रीय श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों – लता भीसे, अजीत अभ्यंकर और नितिन कदम – ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की।
भविष्य की रणनीति
बैंक कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।





