नागपुर, महाराष्ट्र – औरंगजेब की कब्र को लेकर छिड़ा विवाद अब हिंसक रूप लेता नजर आ रहा है। सोमवार शाम को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में दो गुटों के बीच पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
क्या हुआ मामला?
महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में दो गुटों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया। इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और आगजनी की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। फिलहाल, इलाके में पुलिस की भारी तैनाती की गई है।

घटना की जड़ में औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहा विवाद है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की है। इसके विरोध में सोमवार को महाराष्ट्र के कई जिलों में प्रदर्शन हुए। नागपुर में भी औरंगजेब का पुतला जलाया गया, जिसके बाद दो गुटों के बीच झड़प हो गई।
मुख्यमंत्री ने की शांति की अपील
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में हुई हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देते हुए प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए।”
औरंगजेब विवाद पर राजनीतिक बहस
औरंगजेब की कब्र को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि औरंगजेब की विचारधारा को बढ़ावा देने वाले तत्वों को कुचल दिया जाना चाहिए। वहीं, कुछ नेताओं ने इसे इतिहास से छेड़छाड़ करार देते हुए इसका विरोध किया है।
अब तक की स्थिति
फिलहाल, नागपुर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने इलाके में कर्फ्यू जैसी स्थिति बना दी है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्थिति को शांत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।
औरंगजेब विवाद की पृष्ठभूमि
औरंगजेब, मुगल साम्राज्य के शासक थे, जिन्हें उनकी धार्मिक नीतियों के लिए विवादास्पद माना जाता है। उनकी कब्र को लेकर हिंदू संगठनों का कहना है कि यह भारतीय संस्कृति और इतिहास के प्रतीकों के खिलाफ है।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। साथ ही, लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।





