सांगली: छत्रपति संभाजीनगर में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर हिंदू एकता आंदोलन संगठन द्वारा सांगली में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने औरंगजेब का पोस्टर टांगकर अपना विरोध दर्ज कराया और यह मांग की कि महाराष्ट्र में स्थित उसकी कब्र को हटाकर अरब सागर में प्रवाहित किया जाए। साथ ही, हर साल वहां आयोजित होने वाले उर्स पर रोक लगाने की मांग की गई। यह प्रदर्शन पूर्व विधायक नितिन शिंदे के नेतृत्व में किया गया।
हिंदू संगठन की मांग
हिंदू एकता आंदोलन संगठन ने कहा कि आज छत्रपति संभाजी महाराज बलिदान दिवस है, और जिनको यातनाएं देकर क्रूर शासक औरंगजेब ने मारा था, उसकी स्मृति को महाराष्ट्र की धरती पर स्थान नहीं मिलना चाहिए। संगठन का आरोप है कि औरंगजेब की कब्र को अब दरगाह और मस्जिद का रूप दे दिया गया है, जहां हर साल उर्स का आयोजन किया जाता है।
राजनीतिक विरोध
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ओवैसी और प्रकाश आंबेडकर जैसे नेता वहां जाकर चादर चढ़ाते हैं और नतमस्तक होते हैं, जो हिंदू संगठनों के अनुसार अनुचित है। संगठन ने राज्य और केंद्र में हिंदुत्व की सरकार होने का हवाला देते हुए औरंगजेब की कब्र को हटाने और समुद्र में विसर्जित करने की मांग की।
पूर्व विधायक का बयान
इस अवसर पर पूर्व विधायक नितिन शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि औरंगजेब की कब्र का अस्तित्व महाराष्ट्र में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसे जल्द से जल्द हटाया जाए और उर्स आयोजन पर प्रतिबंध लगाया जाए।
- संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग।
- सांगली में हिंदू एकता आंदोलन संगठन ने किया विरोध प्रदर्शन।
- पूर्व विधायक नितिन शिंदे के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन।
- हर साल होने वाले उर्स पर प्रतिबंध लगाने की मांग।
- सरकार से कब्र हटाने और समुद्र में विसर्जित करने की अपील।
यह मामला अब राजनीतिक रूप से तूल पकड़ सकता है और इस पर आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन का रुख देखना महत्वपूर्ण होगा।
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