SEBI का विशेष निवेश फंड (SIF): 10 लाख रुपये से शुरू, म्युचुअल फंड और PMS से कैसे अलग? जानें नया निवेश विकल्प

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विशेष निवेश फंड

1 मार्च 2025 को अपडेटेड इस लेख में हम आपको भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा पेश किए गए एक नए निवेश उत्पाद – विशेष निवेश फंड (Specialized Investment Fund – SIF) के बारे में विस्तार से बताएंगे। यह नया उत्पाद परिष्कृत निवेशकों के लिए लाया गया है, जो म्युचुअल फंड और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) के बीच की खाई को भरने का लक्ष्य रखता है। आइए जानते हैं इसके नियम, निवेश रणनीतियाँ, और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को।

विशेष निवेश फंड

SEBI विशेष निवेश फंड क्या है?

SEBI ने म्युचुअल फंड और PMS के बीच उभरते अंतर को देखते हुए विशेष निवेश फंड (SIF) की शुरुआत की है। यह फंड उन निवेशकों के लिए है जो अधिक लचीलापन और विविधता चाहते हैं। यह नया उत्पाद 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष से उपलब्ध होगा। इसे केवल वही म्युचुअल फंड शुरू कर सकते हैं जो कम से कम 3 साल से संचालित हों और पिछले 3 साल में औसतन 10,000 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रबंधन (AUM) रखते हों।

न्यूनतम निवेश और ब्रांडिंग नियम

SEBI ने स्पष्ट किया है कि SIF को म्युचुअल फंड से अलग पहचान देने के लिए इसका ब्रांड नाम और लोगो अलग होना चाहिए। इस फंड में न्यूनतम निवेश राशि 10 लाख रुपये प्रति निवेशक निर्धारित की गई है। यह उत्पाद सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP), और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) जैसे विकल्पों में उपलब्ध होगा।


SIF की निवेश रणनीतियाँ

SIF के तहत कई निवेश रणनीतियाँ पेश की गई हैं, जिन्हें तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:

A) इक्विटी-उन्मुख रणनीतियाँ

रणनीतिनिवेश विवरणशॉर्ट एक्सपोजर
इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंडकम से कम 80% इक्विटी में निवेश; डेरिवेटिव्स के जरिए 25% तक शॉर्टिंग की अनुमति।25% तक
इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्टटॉप 100 मार्केट कैप से बाहर 65% निवेश; गैर-लार्ज कैप स्टॉक्स में 25% तक शॉर्टिंग।25% तक
सेक्टर रोटेशन लॉन्ग-शॉर्ट फंड4 सेक्टरों में 80% तक निवेश; सेक्टर स्तर पर 25% तक शॉर्टिंग।25% तक

B) डेट-उन्मुख रणनीतियाँ

रणनीतिनिवेश विवरणशॉर्ट एक्सपोजर
डेट लॉन्ग-शॉर्ट फंडविभिन्न डेट उपकरणों में निवेश; एक्सचेंज-ट्रेडेड डेट डेरिवेटिव्स के जरिए शॉर्टिंग।निर्धारित नहीं; AMC के अनुसार
सेक्टोरल डेट लॉन्ग-शॉर्ट फंडकम से कम 2 सेक्टरों में निवेश (एक सेक्टर में अधिकतम 75%); सेक्टर स्तर पर 25% तक शॉर्टिंग।25% तक

C) हाइब्रिड निवेश रणनीतियाँ

रणनीतिनिवेश विवरणशॉर्ट एक्सपोजर
एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्टइक्विटी, डेट, REITs/InVITs, और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में गतिशील निवेश; 25% तक शॉर्टिंग।25% तक
हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंडइक्विटी और डेट में न्यूनतम 25% निवेश; डेरिवेटिव्स के जरिए 25% तक शॉर्टिंग।25% तक
रिडेम्पशन नियम
  • डेट-उन्मुख: न्यूनतम साप्ताहिक या AMC के अनुसार।
  • हाइब्रिड: सप्ताह में दो बार या AMC के अनुसार।

निवेश सीमाएँ और बेंचमार्किंग

निवेश सीमाएँ

SEBI ने SIF के लिए कुछ निवेश सीमाएँ तय की हैं:

  • AAA-रेटेड डेट में अधिकतम 20% NAV
  • AA-रेटेड डेट में अधिकतम 16% NAV
  • A-रेटेड या उससे नीचे डेट में अधिकतम 12% NAV
  • किसी एक सेक्टर के डेट और मनी मार्केट सिक्योरिटीज में अधिकतम 25% NAV

बेंचमार्किंग

  • इक्विटी-उन्मुख: BSE सेंसेक्स, NSE निफ्टी, BSE 100, CRISIL 500 जैसे व्यापक बाजार सूचकांक।
  • डेट-उन्मुख: उपयुक्त व्यापक बाजार सूचकांक।

क्यों खास है SEBI का SIF?

यह नया निवेश उत्पाद उन निवेशकों के लिए बनाया गया है जो जोखिम लेने और बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं। यह म्युचुअल फंड की पारदर्शिता और PMS की लचीलापन को एक साथ जोड़ता है। इसके जरिए निवेशक SIP, SWP, और STP जैसे विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं, जो इसे और आकर्षक बनाता है।

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