Report: Arun kumar
Gorakhpur News उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में विजयादशमी के पावन अवसर पर नाथपंथ के प्रमुख केंद्र गोरक्षपीठ से निकली पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। उनके इस कदम ने यह साबित कर दिया कि किसी भी धार्मिक परंपरा या वीआईपी प्रोटोकॉल से बढ़कर एक आम नागरिक की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता है। शोभायात्रा के दौरान एंबुलेंस का सायरन सुनते ही सीएम योगी ने न केवल अपना काफिला और यात्रा रुकवाई, बल्कि मरीज की गाड़ी को सुरक्षित रास्ता भी दिलाया।
भीड़ और सुरक्षा घेरे के बीच फंसी थी एंबुलेंस
Gorakhpur News मंगलवार शाम को गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में विजयादशमी की पारंपरिक शोभायात्रा भव्य रूप से आगे बढ़ रही थी। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के आगे श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा हुआ था और चप्पे-चप्पे पर कड़ा सुरक्षा पहरा था। इसी दौरान एक गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस वहां पहुंच गई और भारी भीड़ के बीच फंस गई।
जैसे ही एंबुलेंस के सायरन की आवाज मुख्यमंत्री के वाहन तक पहुँची, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने सुरक्षाकर्मियों को तत्काल एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली कराने का निर्देश दिया। सीएम का संकेत मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई और शोभायात्रा को वहीं रोक दिया गया। मौके पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भी पूरी समझदारी और अनुशासन का परिचय देते हुए तुरंत रास्ता खाली कर दिया। एंबुलेंस के सुरक्षित निकल जाने के बाद ही शोभायात्रा को अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ाया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, लोग कर रहे सराहना
Gorakhpur News इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर इंटरनेट यूजर्स और आम जनता मुख्यमंत्री की इस मानवीय पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक बड़े धार्मिक अनुष्ठान और वीआईपी प्रोटोकॉल के बीच भी आम आदमी की तकलीफ को समझते हुए उसे प्राथमिकता देना एक सच्चे और संवेदनशील जननेता की ही पहचान है।


