by: ajay nigam
Swami Chakrapani : नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज की तीन दिवसीय जम्मू-कश्मीर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा रविवार को दिल्ली वापसी के साथ संपन्न हुई। यात्रा के दौरान उन्होंने श्रीनगर स्थित आदि जगद्गुरु शंकराचार्य मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और जम्मू-कश्मीर की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत की अमूल्य धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। सनातन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी देखा जाना चाहिए।

Swami Chakrapani : शंकराचार्य मंदिर में किए दर्शन
यात्रा के दौरान स्वामी चक्रपाणि महाराज ने श्रीनगर स्थित प्राचीन आदि जगद्गुरु शंकराचार्य मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए। उन्होंने आदि शंकराचार्य की ज्ञान, साधना और दर्शन परंपरा को नमन करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल भारत की आध्यात्मिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि प्राचीन मंदिरों और तीर्थस्थलों का संरक्षण केवल ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है।
Swami Chakrapani : कश्मीर की सनातन विरासत को जानने की अपील
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने भारत आने वाले पर्यटकों और विश्व समुदाय से अपील की कि वे प्राकृतिक सौंदर्य के साथ देश की प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी जानें। उन्होंने कहा कि कश्मीर आने वाले लोगों को यहां के मंदिरों, तीर्थस्थलों और साधना केंद्रों के ऐतिहासिक महत्व को समझने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने सनातन संस्कृति को मानवता, प्रेम, करुणा, सत्य, शांति और विश्वकल्याण का संदेश देने वाली जीवंत परंपरा बताया।
Swami Chakrapani : डल झील में शिकारे की सवारी, स्थानीय लोगों से संवाद
तीन दिवसीय यात्रा के दौरान स्वामी चक्रपाणि महाराज ने डल झील में शिकारे की सवारी की और कश्मीर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय क्षेत्रों और गांवों में लोगों से संवाद कर देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव, सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। धर्म और आध्यात्मिकता का उद्देश्य समाज में प्रेम, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना होना चाहिए।
Swami Chakrapani : कश्मीर में शांति और समृद्धि के लिए की प्रार्थना
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने भगवान महादेव से जम्मू-कश्मीर में शांति, समृद्धि और सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने कश्मीरी पंडितों सहित सभी स्थानीय निवासियों के लिए सुख, सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए शासन-प्रशासन, संत समाज और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की अपील भी की।
स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि भारत की सनातन आध्यात्मिक परंपरा संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाती है। इस विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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