by: vijay yadav
Kolkata Stampede : कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा उत्सव के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान इलाके में स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ जैसी स्थिति बनने से कई लोगों की जान चली गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।
हादसा गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। सप्तमी के अवसर पर पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और जांच के मद्देनजर पंडाल को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया।
#WATCH कोलकाता, पश्चिम बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कालीघाट काली मंदिर पहुंचे। pic.twitter.com/7xf8KEfwEh
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 18, 2026
Kolkata Stampede : घायलों से मिले अमित शाह
दुर्घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता पहुंचे और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों की स्थिति की जानकारी ली। घायलों से मिलने के बाद अमित शाह के दिल्ली लौटने की खबर सामने आई है।
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आर. एन. रवि और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। हादसे के बाद राहत, उपचार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
Kolkata Stampede : मुख्यमंत्री ने दिए जांच और इलाज के निर्देश
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित उपचार को सरकार की प्राथमिकता बताया। घटना के बाद कोलकाता मेडिकल कॉलेज में आपात बैठक भी हुई। इसमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पूजा समिति की ओर से घोषणा किए जाने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बनी। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है। उन्होंने पूजा समितियों से पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने और पंडालों में सुरक्षित निकास मार्ग सुनिश्चित करने की अपील की।
Kolkata Stampede : बारिश से बचने की कोशिश के दौरान बिगड़े हालात?
प्रत्यक्षदर्शी उत्तम के मुताबिक, लोग बारिश से बचने और अपने बच्चों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने तथा उपचार की व्यवस्था में सहयोग किया।
फिलहाल, हादसे की परिस्थितियों को लेकर सामने आए बयानों की जांच की जा रही है। भीड़ का दबाव, निकास मार्ग और आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।
Kolkata Stampede : बोबाजार के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा
घटना के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने की जानकारी दी। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
Kolkata Stampede : राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
हादसे के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। कांग्रेस नेता सुमन रॉय चौधरी ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आयोजन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि प्रशासन मौके पर मौजूद है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Kolkata Stampede : जांच और घायलों का इलाज प्राथमिकता
दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल में हुई इस त्रासदी ने सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल घायलों का इलाज, प्रभावित परिवारों को सहायता और हादसे के कारणों की जांच सबसे अहम है। घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
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