Pakistan: पाकिस्तान के पेशावर में एक निजी स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अफरीदी आबाद इलाके में हुई इस घटना में कम से कम 28 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अस्पताल ने पहले 21 छात्रों और एक महिला शिक्षिका की मौत की पुष्टि की थी। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, मरने वाले छात्रों में दो लड़कियां भी शामिल थीं और उनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच थी। हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
Pakistan: हादसे में कई बच्चों और शिक्षिका की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में गुरुवार को निजी स्कूल की छत गिरने से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल के अधिकारी आसिम खान ने शुरुआती तौर पर 21 छात्रों और एक महिला शिक्षिका की मौत की पुष्टि की थी। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, मृत छात्रों में दो लड़कियां भी शामिल थीं। बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच बताई गई है।
हादसे में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य के बीच मृतकों की पहचान की जा रही है। शुरुआती आंकड़ों और बाद में सामने आई कुल मृतकों की संख्या में अंतर को देखते हुए मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
Pakistan: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पेशावर में स्कूल की छत गिरने की घटना पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस मुश्किल समय में उन्हें दुख सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की। हादसे में बच्चों की मौत के कारण स्थानीय स्तर पर भी शोक का माहौल है।
घटना ने स्कूलों और अन्य इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर उन भवनों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में बच्चे और अन्य लोग रोजाना मौजूद रहते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।
Pakistan: पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं इमारत गिरने के हादसे
पाकिस्तान में इमारतों और छतों के गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कमजोर निर्माण, सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को ऐसी घटनाओं के संभावित कारणों में गिना जाता है। हालांकि, पेशावर के स्कूल में छत गिरने की सटीक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इस साल जून में लाहौर के एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई थी। इस घटना ने शिक्षण संस्थानों की इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई थी।
इससे पहले कराची के लियारी इलाके में पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। उस हादसे में 27 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 10 लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं इमारतों के निर्माण, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जरूरत को रेखांकित करती हैं। पेशावर के स्कूल में हुए हादसे के बाद भी यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवनों की स्थिति और निर्माण संबंधी नियमों की निगरानी किस तरह की जा रही है।


