BY: Yoganand Shrivastva
INDIA Bloc Protest Live नई दिल्ली में I.N.D.I.A. गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास और संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका को हिरासत में लिया। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सरकारी आवास पर विपक्षी नेताओं, सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के लिए चाय बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद विपक्षी नेता मीडिया के सामने अपनी बात रखने वाले हैं।
राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक
INDIA Bloc Protest Live राहुल गांधी के आवास पर आयोजित चाय बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्षी दल, छात्र संगठन और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि एक साथ हैं और उनका आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
जंतर-मंतर से सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में
INDIA Bloc Protest Live दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पहुंचे CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया। संगठन की लीगल मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए नेताओं को उनके वकील से मिलने नहीं दिया जा रहा है और उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। संगठन ने हिरासत के कानूनी आधार पर सवाल उठाए हैं। ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
कनॉट प्लेस थाने के बाहर NSUI का प्रदर्शन
INDIA Bloc Protest Live हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर कनॉट प्लेस थाने के बाहर NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
पटना और कोलकाता में भी विरोध प्रदर्शन
INDIA Bloc Protest Live बिहार की राजधानी पटना में CPI(ML) लिबरेशन के छात्र और युवा संगठनों ने SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च लोक भवन की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस ने इसे जेपी गोलंबर पर रोक दिया।
वहीं, कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने मतदाता सूची से योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कर्नाटक हाई कोर्ट के वकीलों ने भी जताया विरोध
नई दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान वकीलों के साथ कथित पुलिस ज्यादती के विरोध में कर्नाटक हाई कोर्ट के कुछ वकील संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई गुरुवार तक टली
विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों को हिरासत में लेने तथा कथित हमलों से संबंधित याचिकाओं के साथ मेट्रो, रेलवे और सड़कों के बंद होने से जुड़ी अवमानना याचिकाओं पर भी अब गुरुवार को सुनवाई होगी।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और सुरक्षा व्यवस्था पर दी जानकारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अफवाह फैलाने या अशांति पैदा करने की कोशिश करने वाली करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाई जा चुकी हैं। पुलिस की IFSO इकाई ने कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों के खिलाफ चार से अधिक प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी भी दी। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत होने की झूठी खबरें कुछ सोशल मीडिया खातों से प्रसारित की गई थीं।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की संभावित चुनौतियों का हवाला देते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 273 कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है।
राहुल गांधी पर रवि किशन और एकनाथ शिंदे के बयान
भाजपा सांसद रवि किशन ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी प्रदर्शन से दिल्ली के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार और विरोध के तरीके पर भी सवाल उठाए।
वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बनाने की कोशिश हुई और इससे संविधान का अपमान हुआ। ये दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हैं। दूसरी ओर, INDIA गठबंधन ने अपने आंदोलन को लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा बताते हुए इसे जारी रखने की बात कही है।


