रायपुर/कोरबा/कोरिया। Chhattisgarh Patwari Strike: छत्तीसगढ़ में PV ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं सहित विभिन्न मांगों को लेकर पटवारी संघ ने 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस बीच राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने और बाहर से आने वाले धान की गड़बड़ी रोकने के लिए डिजिटल फसल सर्वे जरूरी है। उन्होंने पटवारियों से किसानों के हित में काम पूरा करने और सरकार का सहयोग करने की अपील की है। वहीं, पटवारी संघ का कहना है कि PV ऐप की समस्याओं को पहले भी विभाग के सामने रखा गया था, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
1. Chhattisgarh Patwari Strike: धान खरीदी में पारदर्शिता के लिए डिजिटल सर्वे जरूरी- राजस्व मंत्री
Chhattisgarh Patwari Strike: पटवारियों की हड़ताल के बीच राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण को धान खरीदी की व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के समय दूसरे राज्यों या क्षेत्रों से धान आने की स्थिति में गड़बड़ी रोकना जरूरी है। इसके लिए फसल का डिजिटल सर्वे और सत्यापन आवश्यक है।
Chhattisgarh Patwari Strike: मंत्री के मुताबिक, पिछले साल डिजिटल क्रॉप सर्वे करीब 14 हजार गांवों में किया गया था, जबकि इस साल लगभग 19 हजार गांवों में सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 90 लाख खसरों का डिजिटल सर्वे किया जा चुका है और उनके अनुसार करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
Chhattisgarh Patwari Strike: टंकराम वर्मा ने कहा कि राजस्व अमला काम कर रहा है और कर्मचारियों को ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने पटवारियों से अपील की कि यह समय महत्वपूर्ण है और धान खरीदी को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में डिजिटल सर्वे का काम पूरा करने में सहयोग करें।
2. Chhattisgarh Patwari Strike: मंत्री बोले- अभी हड़ताल की सूचना देने कोई नहीं आया
Chhattisgarh Patwari Strike: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने बयान में कहा कि उनके पास अभी तक हड़ताल की सूचना देने या मिलने के लिए कोई नहीं आया है। उन्होंने इस समय को महत्वपूर्ण बताते हुए पटवारियों से सरकार की मदद करने की अपील की।
Chhattisgarh Patwari Strike: मंत्री का जोर इस बात पर रहा कि डिजिटल सर्वेक्षण से धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और संभावित अनियमितताओं को रोकने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, पटवारी संघ का कहना है कि सर्वेक्षण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे PV ऐप में जमीनी स्तर पर समस्याएं आ रही हैं। ऐसे में आंदोलन के बीच सरकार और संघ के बीच बातचीत तथा समस्याओं के समाधान को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
3. Chhattisgarh Patwari Strike: PV ऐप की समस्याओं को लेकर कोरबा में पटवारियों का प्रदर्शन
Chhattisgarh Patwari Strike: कोरबा जिले में पटवारी संघ ने PV ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संघ के सदस्य घंटाघर चौक पर हड़ताल के बैनर तले एकत्र हुए और अपनी मांगों को सामने रखा।
Chhattisgarh Patwari Strike: पटवारियों का कहना है कि PV ऐप के माध्यम से फसलों का भौतिक सत्यापन करने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। संघ के मुताबिक, इन समस्याओं के बारे में पहले भी ज्ञापन के माध्यम से विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं किया गया।
Chhattisgarh Patwari Strike: संघ ने PV ऐप से जुड़े कामकाज को लेकर पटवारियों पर की जा रही दंडात्मक कार्रवाई का भी विरोध किया है। इसी के चलते ऐप के बहिष्कार और अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया। कोरबा में पटवारी संघ के अध्यक्ष मिथलेश और पटवारी सुभद्रा चौहान ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।
4. Chhattisgarh Patwari Strike: स्थानांतरण, नोटिस और निलंबन की कार्रवाई वापस लेने की मांग
Chhattisgarh Patwari Strike: पटवारी संघ ने PV ऐप का बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। संघ के अनुसार, बलौदाबाजार में पटवारियों के स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने तथा महासमुंद में निलंबन की कार्रवाई से कर्मचारियों में असंतोष है।
Chhattisgarh Patwari Strike: संघ की प्रमुख मांग है कि PV ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाए और ऐप का बहिष्कार करने वाले पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए। इसके साथ ही वर्षों से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निराकरण करने की मांग भी की गई है।
Chhattisgarh Patwari Strike: कोरिया जिले में भी पटवारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष भरत यादव ने आंदोलन से जुड़े मुद्दों को उठाया है। संघ का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
5. Chhattisgarh Patwari Strike: गिरदावरी और धान खरीदी पर पड़ सकता है असर
Chhattisgarh Patwari Strike: पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण फसल सत्यापन, गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका है। ये प्रक्रियाएं कृषि और राजस्व रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि काम समय पर पूरा नहीं होता है, तो किसानों से संबंधित कुछ प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है।
Chhattisgarh Patwari Strike: धान खरीदी के दौरान फसल संबंधी जानकारी और सत्यापन की भूमिका को देखते हुए इस आंदोलन पर प्रशासन की नजर रहेगी। राजस्व मंत्री ने डिजिटल सर्वे को पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया है, जबकि पटवारी संघ ऐप की समस्याओं के समाधान और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने की मांग कर रहा है।
Chhattisgarh Patwari Strike: हड़ताल का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आंदोलन कितने समय तक जारी रहता है और लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल किसानों और आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं में संभावित देरी का सामना करना पड़ सकता है।
6. Chhattisgarh Patwari Strike: वेतन विसंगति और पदोन्नति भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दे
Chhattisgarh Patwari Strike: PV ऐप से जुड़ी समस्याओं के अलावा पटवारी संघ ने वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के लंबित मामलों का निराकरण करने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से समाधान की जरूरत है।
Chhattisgarh Patwari Strike: आंदोलन के जरिए संघ तकनीकी समस्याओं के साथ सेवा संबंधी मांगों पर भी शासन का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। एक ओर सरकार डिजिटल सर्वे को धान खरीदी में पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रही है, वहीं पटवारी संघ कामकाज में आने वाली परेशानियों के समाधान पर जोर दे रहा है।
Chhattisgarh Patwari Strike: अब इस आंदोलन में आगे की स्थिति सरकार और पटवारी संघ के बीच होने वाली बातचीत, PV ऐप की समस्याओं के निराकरण और कर्मचारियों की मांगों पर लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगी।
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