Dino Morea: मुंबई की मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने के काम में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया से मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग यानी EOW ने पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने अभिनेता को मामले से जुड़े कुछ लोगों के साथ कथित संपर्क सामने आने के बाद पूछताछ के लिए बुलाया था।
डिनो मोरिया शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट में कथित घोटाले से जुड़े सवाल किए गए। यह पहली बार नहीं है जब अभिनेता से इस मामले में पूछताछ हुई है। इससे पहले मई 2025 में भी डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो रोक्को मोरिया से EOW ने पूछताछ की थी।
Dino Morea Mithi River Scam में फोन रिकॉर्ड से जांच आगे बढ़ी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ फोन रिकॉर्ड सामने आए, जिनमें डिनो मोरिया और मामले से जुड़े कुछ लोगों के बीच संपर्क की जानकारी मिली। इसी आधार पर EOW ने अभिनेता को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य इन संपर्कों की प्रकृति और मामले से उनके संभावित संबंधों को समझना है।
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी केतन कदम के साथ डिनो मोरिया के संपर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह के संबंध थे और क्या इन संपर्कों का मीठी नदी की डीसिल्टिंग से जुड़े कारोबारी लेनदेन से कोई संबंध था।
Dino Morea Mithi River Scam में भाई की कंपनी भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान डिनो मोरिया के भाई सैंटिनो रोक्को मोरिया से जुड़े कारोबारी संबंध भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार सैंटिनो और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनिता कदम एक निजी कंपनी UBO Ridez Private Limited में निदेशक रहे हैं। इसी कंपनी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कदम परिवार और सैंटिनो मोरिया के बीच हुए लेनदेन का मीठी नदी परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं से कोई संबंध था या नहीं। जांच एजेंसी ने इन कारोबारी कड़ियों को मामले की जांच का अहम हिस्सा बनाया है।
Dino Morea Mithi River Scam में BMC को 65.54 करोड़ के नुकसान का आरोप
यह पूरा मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC की मीठी नदी से गाद निकालने की परियोजना से जुड़ा है। EOW के अनुसार इस प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं के चलते BMC को करीब 65.54 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है। मामले में कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित गड़बड़ियों में टेंडर प्रक्रिया, मशीनों के इस्तेमाल और भुगतान से जुड़ी अनियमितताएं शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि परियोजना में इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीनों के किराये और काम की मात्रा से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर कर भुगतान को प्रभावित किया गया।
Dino Morea Mithi River Scam में मशीनों के टेंडर की भी जांच
EOW की जांच के मुताबिक, अक्टूबर 2020 में BMC के कुछ अधिकारी डीसिल्टिंग से जुड़ी मशीनों की खरीद और तकनीकी जानकारी के लिए कोच्चि स्थित एक कंपनी के पास गए थे। इसके बाद मीठी नदी से गाद निकालने के लिए टेंडर जारी किए गए।
पुलिस के अनुसार टेंडर में जिन मशीनों की तकनीकी विशेषताओं का उल्लेख था, वे एक विशेष कंपनी के उपकरणों से मेल खाती थीं। आरोप है कि इससे ठेकेदारों के लिए उन्हीं मशीनों का इस्तेमाल करना लगभग जरूरी हो गया।
टेंडर की शर्तों के अनुसार नदी से निकाली गई गाद और मलबे की मात्रा के आधार पर ठेकेदारों को भुगतान किया जाना था। जांच एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि वास्तविक काम और दर्ज की गई मात्रा में कोई अंतर था या नहीं।
Dino Morea Mithi River Scam में मशीनें बेचने के बजाय किराये पर देने का आरोप
EOW के मुताबिक, जब ठेकेदार संबंधित मशीनों के लिए कंपनी से संपर्क करते थे, तो उन्हें कथित तौर पर केतन कदम और जयेश जोशी से संपर्क करने के लिए कहा जाता था। पुलिस का आरोप है कि मशीनें सीधे बेचने के बजाय उन्हें ऊंची दरों पर किराये पर उपलब्ध कराया गया।
जांच एजेंसी को संदेह है कि इस पूरी व्यवस्था में कुछ लोगों और कंपनियों के बीच मिलीभगत हो सकती है। इसी वजह से मशीनों की खरीद, किराया, टेंडर और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
Dino Morea Mithi River Scam में गाद की मात्रा बढ़ाने का आरोप
EOW के अधिकारियों के मुताबिक, जांच में यह भी आरोप सामने आया कि मीठी नदी से निकाली जाने वाली गाद की मात्रा को रिकॉर्ड में बढ़ाकर दिखाया गया। यदि गाद की मात्रा अधिक दर्ज की गई, तो उसी आधार पर ठेकेदारों को अधिक भुगतान मिलने की संभावना बनती थी।
पुलिस इसी पहलू से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। मीठी नदी की करीब 17.84 किलोमीटर लंबी धारा में किए गए डीसिल्टिंग कार्य से जुड़े रिकॉर्ड और भुगतान का मिलान जांच का हिस्सा है।
Dino Morea Mithi River Scam में केतन कदम समेत आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में EOW पहले ही केतन कदम को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, कदम का संबंध Woder India LLP से बताया गया है, जिसने मीठी नदी की डीसिल्टिंग से जुड़े काम हासिल किए थे। इसके अलावा जयेश जोशी को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
EOW ने इस मामले में कुल 13 लोगों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं और BMC को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी अलग-अलग आरोपियों, कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
Dino Morea Mithi River Scam की जांच में ED भी कर चुकी है कार्रवाई
मीठी नदी डीसिल्टिंग मामले की जांच केवल मुंबई पुलिस की EOW तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की थी। जून 2025 में ED ने मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था।
ED की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई उस FIR के आधार पर शुरू हुई थी जिसमें 13 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ BMC को 65 करोड़ रुपये से अधिक का कथित नुकसान पहुंचाने से संबंधित आरोप थे। तलाशी के दौरान डिनो मोरिया और सैंटिनो रोक्को मोरिया से जुड़े परिसरों का नाम भी एजेंसी की कार्रवाई में सामने आया था।
Dino Morea Mithi River Scam में अभी जांच जारी
फिलहाल EOW डिनो मोरिया से जुड़े फोन रिकॉर्ड, कारोबारी संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि अभिनेता और मामले के मुख्य आरोपियों के बीच संबंध किस प्रकृति के थे और उनका कथित डीसिल्टिंग घोटाले से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
मामले में सामने आए आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं और जांच एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।


